लघु सचिवालय की पार्किंग स्थल पर पार्किंग ठेकेदार के कारिंदों व वाहन चालक के बीच वाहन खड़ा करने को लेकर जमकर लट्रठ-डंडे चले। झगड़े में पार्किंग पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को चोट आई हैं। पुलिस ने बीच बचाव करते हुए दोनों पक्षों के घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल में पार्किंग ठेकेदार के कारिंदे ने चिकित्सक पर भेदभाव बरतने का आरोप लगाया है।
असंल सुशांत सिटी निवासी बिजेंद्र ने बताया कि वह अपनी बुलेरो गाड़ी से लघु सचिवालय पहुंचा। जहां पार्किंग को लेकर कारिंदे के साथ उसका झगड़ा हो गया। बिजेंद्र का आरोप है कि कारिंदे ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
वहीं दूसरे पक्ष के गांव कुराड़ निवासी संदीप ने बताया कि बुलेरो में आए व्यक्ति से कारिंदों ने पार्किंग में गाड़ी लगाने के पैसे मांगे थे, जिस पर उसने पर्ची कटवाने में आनाकानी की और अभ्रद व्यवहार करने लगा और मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में पार्किंग में कार्यरत गांव कुराड़ निवासी मंजीत, विकास और नौल्था निवासी नीरज घायल हो गए। पुलिस ने झगड़े में बीच-बचाव किया और घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने असंल निवासी बिजेंद्र को प्राथमिक उपचार देने के बाद खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजनों ने उसको शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया है।
दूसरे पक्ष से संदीप ने नीरज को लगी गहरी चोटों को देखते हुए उसको रेफर करने की बात कही तो चिकित्सकों ने उसकी चोटों को देखने की बात कही। जिस पर वह भड़क गया और चिकित्सक पर भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। संदीप का कहना है कि बिजेंद्र की हालत ठीक थी, उसने फोन पर भी बातें की, लेकिन उसके पक्ष में आए वकीलों से बातचीत करने के बाद ही डाक्टरों ने उसकी अधिक चोटें दिखाते हुए रेफर किया है। उनके केस को कमजोर बनाने के लिए ही डाक्टर नीरज को रेफर नहीं कर रहे हैं। अस्पताल में काफी देर तक चले हंगामे के बाद लोगों ने उसको शांत कराया। जिसके बाद नीरज को उपचार मुहैया करवाया गया।
मारपीट की घटना में घायल व्यक्ति की मेडिकल जांच उसके शरीर पर लगी चोटों के आधार पर की गई है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया। उनकी ड्यूटी दोपहर को शुरू हुई थी। उनकी ड्यूटी के दौरान घायलों में केवल नीरज ही आया है। बिजेंद्र को मार्निंग ड्यूटी पर आए चिकित्सक ने अपनी जांच के आधार पर ही रेफर किया होगा। इस बारे में वे कुछ नहीं बता सकते। नीरज की स्थिति चिंताजनक नहीं है। यही कारण है कि उसको रेफर नहीं किया गया। उनके ऊपर लगाए गए भेदभाव के आरोप गलत हैं।
डॉ. रिंकू सांगवान, सिविल अस्पताल पानीपत।
लघु सचिवालय में पार्किंग को लेकर वाहन चालक और पार्किंग वालों के बीच झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर अभद्र व्यवहार व झगड़ा करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र सिंह, प्रभारी, सेक्टर 6 चौकी।