गुरुद्वारा पहली पातशाही में श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350 सालां शताब्दी को समर्पित नगर कीर्तन समागम में संगत गुरबाणी व कीर्तन में निहाल हो गई। शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी ने भी पंगत में बैठ कर गुरबाणी व कीर्तन का श्रवण किया। गुरुद्वारा में दिनभर चले कीर्तन व अटूट लंगर में सैकड़ों लोगों ने सेवा की।
श्री गुरु सिंह सभा द्वारा गुरुद्वारा पहली पातशाही में वीरवार को श्री गुरु गोबिंद सिंहके 350 सालां शताब्दी को कीर्तन समागम का आयोजन किया गया। शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी समागम कार्यक्रम में मुख्यातिथि रही। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान सुखदेव सिंह ने शहरी विधायक का स्वागत किया। उन्होंने गुरु घर में माथा टेका और अपनी प्रार्थना की। वे इसके बाद पंगत में आकर बैठ गई।
रागी जत्थे ने गुरबाणी की और पूरा दिन चले कार्यक्रम में संगत निहाल हो गई। रागी जत्थे ने गाया कि लख खुशियां पातशाइयां जे सतगुरु नजर करें, मेरा रुस्से ना कलगियां वाला जग भवें सारा रुस जावें। प्रधान सुखदेव सिंह ने संगत को गुरु गोबिंद सिंह के जीवन इतिहास व उनकी अद्वितीय शहादत के बारे में बतलाया। विधायक रोहिता रेवड़ी ने संगत से आह्वान किया कि हमें गुरु गोबिंद सिंह द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलते हुए समाज व राष्ट्रहित में काम करना चाहिए।इस दौरान संगत ने गुरु घर व लंगर में सेवा कार्य किए। श्री गुरुद्वारा पहली पातशाही के प्रधान सुखदेव सिंह ने बताया कि पूरे शहर के सभी धर्मों के लोगों ने श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज के 350 सालां के नगर कीर्तन व समागम कार्यक्रम में सबका सहयोग रहा। गुरु के अटूट लंगर में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गुरुद्वारा पहली पातशाही के समूह सदस्य कश्मीरा सिंह, कुलदीप सिंह, सचिव हरविंद्र सिंह, गुरुदीप सिंह, दर्शन सिंह, हरिसिंह, सतनाम सिंह व सर्बजीत सिंह मौजूद रहे।