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हुडा के सेक्टरों में हर साल ‘गड्ढों’ में गए करोड़ों

Sun, 18 Sep 2016 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
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सड़क - फोटो : bureau
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हुडा के सेक्टरों के विकास के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। सड़कों के लिए भी हर साल कई करोड़ के टेंडर पास होते है और काम भी होता है। इसके बाद भी सेक्टरों में सड़के कम गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। हालांकि, हुडा अधिकारी सड़कों को बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही की वजह से टूटना बता रहे हैं।
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करोड़ों रुपये टैक्स में जमा करवाने के बाद भी औद्योगिक नगरी पानीपत के सेक्टर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे है। शहर के हर सेक्टर में सुविधाओं का अभाव है। सेक्टर 29, 25 और 24 औद्योगिकम सेक्टर हैं। यहां भी सड़कों की हालत बेहद खस्ता है। सेक्टरवासियों का आरोप है कि हुडा सेक्टरों की सड़कों के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर पास कर रहा है। लेकिन, कार्य कहीं होते नहीं दिख रहे। इस कारण सेक्टरों की सड़कों का बुराहाल है। सरकार और प्रशासन की अनदेखी से सेक्टरवासियों में रोष है।

ऐसे होते है टेंडर पास
हुडा हर साल सड़कों की स्पेशल मेंटेनेंस के लिए करोड़ों रुपये का टेंडर जारी किए जाते हैं। टेंडर तैयार करने से पहले अधिकारी सेक्टरों की सड़कों का निरीक्षण करते हैं। इसके बाद सेक्टर की सड़क के किलोमीटर और गड्ढों का मुआयना कर प्रस्ताव तैयार किया जाता है। प्रस्ताव के तैयार होने के बाद उच्च अधिकारियों को ग्राफ के साथ बजट का प्रस्ताव भेजा जाता है। इसके वेरीफिकेशन के बाद ही टेंडर पास होते हैं।
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वार्डों से भी बुरी है हालत
कहने को तो लोग सेक्टरों में रहते है। लेकिन, यहां का हाल नगर निगम के वार्डों से भी बदतर है। सेक्टरों में सड़कों से लेकर स्ट्रीट लाइटों तक की हाललत खस्ता है। कई सेक्टरों में दिन में लाइट जलती, लेकिन रात में बंद हो जाती है। हुडा हर साल सड़कों को दुरुस्त करता है, लेकिन घटिया सामग्री के इस्तेेमाल के चलते सड़कें जल्द ही टूट जाती हैं।

सेक्टर 13-17 में रहने वाले संजीव वधवा का कहना है कि हुडा सेक्टरों में सभी सुविधाएं देने का वादा करता है। लेकिन, यह आश्वासन तक ही सीमित है। सेक्टर की सड़क बनाने के संबंध में वह कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। लेकिन, अधिकारी कभी बजट की कमी, तो कभी कई अन्य बहाना बना देते हैँ।

साई बाबा चौक में रहने वाले आशु गुप्ता ने बताया कि सड़क को दुरुस्त करने के लिए हर बार टेंडर पास होतेेे हैं। अबकी बार भी सेक्टर 12 की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए करीब 10 करोड़ का टेंडर पास हुआ है। लेकिन, करोड़ों रुपये लगने के बाद भी सेक्टर की सड़क खस्ताहालत ही मिलेगी।

सेक्टर-11 की रहने वाली बबीता रानी ने बताया कि सेक्टर में कई माह से सीवर जाम हुए रहते है। अभी हाल ही में सेक्टर की पानी की सप्लाई बंद कर दी गई थी। इस कारण सेक्टरवासियों को परेशानी हुई थी। कई दिनों से पानी की सप्लाई बंद करने के बाद सेक्टर वासियों ने अपने पैसों से पानी का टैंकर मंगवा कर घर का काम चलाना पड़ा था।  

सेक्टर-11 में रहने वाले विशाल ने बताया कि हुडा के कर्मचारी हुडा और निगम के बीच फंस कर रह गए थे। इस कारण सेक्टरों में कई जगह काम ठप रहे। इसका सीधा असर सेक्टरवासियों पर पड़ा। हुडा के कर्मचारियों का कहना है कि हर साल बारिश के बाद सड़कें टूट जाती है। घटिया मैटेरियल लगाया जाएगा, तो यही होगा।
 
जनवरी से अगस्त 2016 तक कहां कितने हुए खर्च
सेक्टर-25 पार्ट-2 में 2 करोड़ 70 लाख 75 हजार रुपये
सेक्टर-18-19 में -2 करोड़ 11 लाख 23 हजार रुपये
सेक्टर- 6 में  एक करोड़ 48 लाख 49 हजार रुपये
सेक्टर-18 में एक करोड़ 71 लाख 82 हजार रुपये
सेक्टर-24 में 74 लाख 50 हजार रुपये
नोट: ये सभी खर्च सड़कों की स्पेशल मेंटेनेंस पर खर्च किए गए हैं।

सेक्टरों की सड़कों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते है। हर बरसात के मौसम के बाद सड़कें कमजोर हो जाती हैं। इस कारण सड़कों से बजरी निकलने लगती है। सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण भी सड़क टूटती है। अभी सेक्टरों की सड़कों के लिए करीब 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। यह पास होते ही सेक्टरों की सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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डीके मलिक एसडीओ, हुडा पानीपत।
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