सिविल अस्पताल में शनिवार को बिजली फाल्ट से फीटिंग में आग लग गई। इससे अस्पताल की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। डॉक्टरों को मोमबत्ती की रोशनी में डिलीवरी करनी पड़ी। मरीजों को भी अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। डॉक्टर और मरीज गर्मी के कारण अस्पताल के बाहर घूमते रहे। सिविल अस्पताल के आला डॉक्टरों ने तकनीकी परेशानी बताते हुए पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया
अस्पताल की एमसी में फाल्ट के कारण प्रसव वार्ड, शिशु वार्ड, बर्न वार्ड आदि की फिटिंग में आग लग गई। इससे आपातकाल विभाग को छोड़ सभी वार्डों की बत्ती गुल हो गई। लाइट जाने के बाद सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए दाखिल हुई 30 से अधिक महिलाओं की डिलीवरी मोमबत्ती और मोबाइल फोन की टार्च की रोशनी में हुई। मरीज डॉक्टरों के सामने लाइन ठीक कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन डॉक्टर चुप्पी साधे रहे। अस्पताल के आला चिक्तिसक ने यह कहते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया। रविवार को फाल्ट ठीक करवा दिया जाएगा।
महिला को किया रेफर
लाइट गुल होने के कारण मोमबत्ती की रोशनी में महिलाओं की डिलीवरी करनी पड़ी। जिन महिलाओं की डिलीवरी में परेशानी हुई, डॉक्टरों ने उन महिलाओं को गंभीर अवस्था में खानपुर और रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। इस दौरान महिलाओं की हालत और भी अधिक चिंताजनक हो गई।
दर्द से करहाती रहीं महिलाएं
लाइट जाने के कारण गर्भवती महिलाए दर्द से करहाती रहीं। काफी देर तक महिलाओं की डिलीवरी भी प्रभावित रही। इसके बाद स्टाफ नर्सों ने मोमबत्ती की व्यवस्था की और महिलाओं की डिलीवरी शुरू की।
स्टाफ नर्सें बोलीं, नॉर्मल डिलीवरी की कोशिश कर रहे हैं
अस्पताल की स्टाफ नर्स संतोष ने बताया कि शाम को चार बजे से लाइन की प्रॉब्लम है। चार महिलाओं को सेक्टर-29 स्थित पीएनसी और छह महिलाओं को खानपुर रेफर कर दिया गया है। सभी की हालत थोड़ी चिंताजनक थी। मोमबत्ती की रोशनी में डिलीवरी की जा रही है। उनकी कोशिश है कि महिलाओं की डिलीवरी नॉर्मल हो।
तकनीकी दिक्कत के कारण लाइट गुल हुई है। फिटिंग में आग लग गई थी। इसलिए कई वार्डो की लाइट चली गई। रविवार को फाल्ट ठीक कर दिया जाएगा। उनको मरीजों को हो रही परेशानियों का अंदेशा है।
डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल पानीपत।