पानीपत। पानीपत रिफाइनरी इंडियन ऑयल की उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण रिफाइनरी है। जिस कारण इसे हाई रिस्क जोन में शामिल किया गया है। रिफाइनरी में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद रिफाइनरी की सुरक्षा को और सख्त कर दिया गया है। सीआईएसएफ के साथ साथ अब स्थानीय पुलिस की दंगा नियंत्रण कंपनी को रिफाइनरी के बाहर तैनात कर दिया गया। एसपी भूपेंद्र सिंह ने डीएसपी नरेंद्र कादियान और डीएसपी राजबीर को निगरानी की मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
इंडियन ऑयल की उत्तर भारत की सबसे बड़ी रिफाइनरी पानीपत में है। पाकिस्तानी सीमा के नजदीक होने के कारण रिफाइनरी को हाई रिस्क जोन में माना जाता है। जिस कारण परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाती है। वहीं, आस-पास के क्षेत्र को भी नो फ्लाइंग जोन में शामिल किया गया है। रिफाइनरी की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की चार कंपनी तैनात की गई हैं। 24 घंटे सुरक्षाकर्मी कड़ी निगरानी करते हैं।
इतनी सुरक्षा और इंतजाम होने के बावजूद भी सोमवार को रिफाइनरी में तोड़ फोड़ और हिंसक प्रदर्शन हुआ। जिससे अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। रिफाइनरी की सुरक्षा को और अधिक सख्त कर दिया गया है। सभी गेटों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए। अंदर की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के जवान मुस्तैद हैं। वहीं बाहर की सुरक्षा के लिए पानीपत पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। एसपी ने सभी गेटों पर स्वाट टीम, दंगा नियंत्रण जवानों को तैनात कर दिया। 100 जवानों की कंपनी को तीन अलग-अलग टीमों में बांटकर तैनात किया गया है।
24 घंटे रही तैनात
एसपी ने बाहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी डीएसपी नरेंद्र कादियान और डीएसपी राजबीर सिंह को सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दंगा नियंत्रण कंपनी के जवानों को 24 घंटे के लिए तैनात किया गया है। अलग-अलग शिफ्ट में सभी की तैनाती रहेगी। यही नहीं सभी जवाब पूरे सुरक्षा उपकरणों से लैस रहेंगे। सिक्योरिटी ब्रांच और सीआईडी की टीम भी स्थिति पर पैनी नजर रखेगी।