मुख्य संसदीय सचिव एवं पानीपत के आब्जर्वर जयवीर वाल्मीकि ने कहा कि कुमारी सैलजा को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का इस्तीफा मांगने से पहले लोकसभा चुनाव में उतरना चाहिए था।
वे राज्यसभा में चली गई थीं तो उनको वहां के कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि की मदद करनी चाहिए।
उन्होंने मंगलवार को सरकारी विश्राम गृह में जिले के कार्यकर्ताओं की मीटिंग लेने के बाद पत्रकारवार्ता में यह बयान देकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में हार के बाद बढ़ी रार को और बढ़ा दिया है।
हालांकि, वे जिला कार्यकर्ताओं को नाराजगी चुनाव के वक्त न जताने की सीख देते रहे, लेकिन खुद कुमारी सैलजा के बयान पर आक्रोशित हो गए।
जयवीर वाल्मीकि ने कहा कि कांग्रेस के किसी नेता या कार्यकर्ता को कोई नाराजगी है तो उनको यह बात संगठन में रखनी चाहिए। इसकी बात संगठन से बाहर आने पर दूरियां कम होने की बजाय बढ़ती हैं।
कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करते पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना चाहिए। कई नेताओं द्वारा लोकसभा चुनाव के बाद टिप्पणी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर उठी हैं। पार्टी आलाकमान जल्द ही इन सबका समाधान निकाल देगा।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव इससे हटकर है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश का विकास कराया है और प्रदेश की जनता उनको लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाना चाहती है।
उन्होंने इनेलो पर हमला बोला और कहा कि विस चुनाव में इनेलो का कोई स्थान नहीं है। हजकां को अपना गठबंधन बचाने की चिंता सता रही है। इस चुनाव में कांग्रेस का भाजपा से मुकाबला होगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के रिक्त पदों को भी जल्द भरा जाएगा। इससे कार्यालयों के काम समय पर निपटेंगे और युवाओं को भी रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की अधिकारियों की न सुनने की शिकायत रहती है।
कार्यकर्ता इन बातों को तथ्यों के साथ सामने लाएं। ऐसे अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि आठ जून को नई अनाज मंडी में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
इसमें पार्टी प्रभारी शकील अहमद, सह प्रभारी आशा कुमारी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष डा. अशोक तंवर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह बिल्लू, डा. जसबीर जागलान, खुशीराम जागलान, पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष जगदेव मलिक, डा. कर्ण सिंह कादियान, राजरानी पूनम, संजय छौक्कर, पूर्व शहरी अध्यक्ष दीपचंद फुलिया, दीपक खटकड़, डॉ. करण सिंह कादियान और बिंटू मलिक मौजूद रहे।