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दिल्ली में हुड्डा और तंवर गुट का भिड़ना चिंतनीय

Fri, 07 Oct 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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दिल्ली में राहुल गांधी की रैली में हुड्डा और तंवर गुट के भिड़ने पर भाजपा के साथ ही इनेलो नेताओं ने भी चिंता व्यक्त की है। इस तरह के रवैये को प्रदेश की राजनीति का वातावरण खराब करने वाला बताया है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों का भिड़ना निंदनीय है।

अपने कार्यकर्ताओं की इज्जत करने का दावा करने वाली पार्टी नेताओं और अध्यक्ष को ही भूल गई। जो राजनीतिक दल अपने प्रदेश अध्यक्ष को इज्जत नहीं दिला सकता, वह एक आम कार्यकर्ता को सम्मान कैसे दिला पाएगा। कांग्रेस किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है। लेकिन,  पार्टी में अहम की लड़ाई हो रही है। भाजपा वर्षों सत्ता से दूर रही, लेकिन इस तरह का बर्ताव कभी देखने को नहीं मिला।
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खादी ग्रामोद्योग के चेयरमैन एवं प्रदेश महामंत्री संजय भाटिया ने कहा कि नेताओं के बीच विचारों की लड़ाई होनी चाहिए। उनको कभी भी लाठी और डंडों की लड़ाई नहीं करनी चाहिए। यह एक पार्टी के नेताओं को शोभा नहीं देता।
इनेलो जिला अध्यक्ष शुगन चंद रोड़ ने कहा कि कांग्रेस का अस्तित्व खतरे में है। उनके नेता ही कार्यकर्ताओं को आपस में लड़वा रहे हैं। दिल्ली में इसकी झलक दिख गई है। प्रदेश की जनता कांग्रेस को सबक सिखाने को तैयार है।


इनेलो के युवा नेता देवेंद्र सिंह कादियान ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में जीरो हो चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर अपनी असफलता को एक-दूसरे पर थोप रहे हैं। वे खुद पीछे रहते हैं और कार्यकर्ताओं को आगे लाकर लड़ाई झगड़ा करा रहे हैं।


इनेलो के जिला प्रवक्ता एडवोकेट शेर सिंह खर्ब ने कहा कि कांग्रेस अपने कर्माें के चलते सत्ता से गई थी। अब अपनी करतूतों से ही प्रदेश की जनता की नजरों में भी गिर रही है। राष्ट्रीय पार्टी के दो नेताओं का इस तरह भिड़ना और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मारपीट करना चिंता का विषय है।
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