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Panipat: किसानों के साथ धोखाधड़ी का आरोपी आढ़ती 3 साल बाद गिरफ्तार, बचने के लिए गुजरात में जाकर बना ट्रक चालक

Fri, 27 Dec 2024 03:47 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)

सार

आरोपी कर्मबीर ने बताया कि वह मैसर्ज हलवंत का संचालक है। यहां किसानों की फसल का कमीशन एजेंट के रूप में काम करता है। उसके पास कई राइस मिल किसानों की धान खरीद करते थे।
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आरोपी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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किसानों व अन्य लोगों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी आढ़ती तीन साल बाद पुलिस के हाथ लगा है। आरोपी इस दौरान गुजरात में रहा। उसने यहां ट्रक चलाया। वह तीन साल बाद यूपी के रास्ते अपने परिवार से मिलने घर आ रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया। अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी आढ़ती 2021 में फरार हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी का मुकदमा भी दर्ज कराया था। वहीं आढ़ती के खिलाफ एक किसान की शिकायत पर अप्रैल 2022 में सेक्टर-29 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था।

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सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक ने बताया कि सेक्टर-29 थाना पुलिस ने भादौड़ गांव निवासी किसान अमरजीत की शिकायत पर 29 अप्रैल 2022 को कर्मबीर निवासी सिवाह के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में एक मुकदमा दर्ज किया था। अमरजीत ने शिकायत में बताया था कि पानीपत अनाज मंडी में आढ़ती कर्मबीर के पास फसल बेचता था। वह उसकी फसल का जे -फार्म व अन्य पर्ची देकर हिसाब रखता था। उसके बार-बार मांगने के बाद भी उसके पैसे नहीं दिए।

इसके बाद मामला खुला तो और भी किसानों ने आगे आकर उसके खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने सभी किसानों की शिकायत इसमें शामिल कर ली थी। सीआईए-वन ने सनौली क्षेत्र से आरोपी कुलदीप को गिरफ्तार किया। उसको कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया। पुलिस ने आरोपी से रिमांड के दौरान कई तथ्यों की जानकारी मिली। कर्मबीर के बही खातों के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट को भी देखा। आरोपी को चार दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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पैसों की अदला-बदली करता था कर्मबीर
आरोपी कर्मबीर ने बताया कि वह मैसर्ज हलवंत का संचालक है। यहां किसानों की फसल का कमीशन एजेंट के रूप में काम करता है। उसके पास कई राइस मिल किसानों की धान खरीद करते थे। उन्हाेंने किसानों की पेमेंट नहीं दी। उन्हाेंने अपने स्तर पर पैसों की व्यवस्था कर किसानों को कुछ पैसे दिए थे। उसके लाखों रुपये वापस नहीं मिले। उन्होंने किसानों को पैसे देने के लिए इधर-उधर से उधार में पैसे लेने शुरू किया। पुलिस जांच में 13 किसानों के 42 लाख व 36 लोगों के 4.57 करोड़ रुपये देने पाए गए हैं। वहीं सीए के अनुसार किसानों की 45 लाख रुपये की देनदारी है। 17 किसानों से 58 लाख रुपये लेने हैं। 1.72 करोड़ रुपये अन्य की देनदारी पाई गई है। सात राइस मिलों से 32 लाख रुपये की लेनदारी है।

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