चंदौली गांव स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पेंशन और कैश न मिलने पर आक्रोशित पेंशन व खाताधारकों ने गांव के अड्डे पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधक कैश होने के बाद भी कैश न होने की बात कहकर टाल रहा है। पेंशनधारक व ग्रामीण करीब तीन घंटे तक सड़क पर डटे रहे। इस दौरान न तो पुलिस पहुंची और न ही बैंक के ही किसी अधिकारी ने लोगों के बीच में आकर उनकी समस्या सुनने का प्रयास किया। पुलिस व बैंक के अधिकारी मामला सामने आने के बाद अटपटे जवाब देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए। एलडीएम से बात की तो उन्होंने कहाकि ग्रामीणों को कैश की इतनी जरुरत नहीं पड़ती है।
जब सरकार कैशलेस की ओर लेकर जा रही है तो कैशलेस ट्रांजेक्शन क्यों नहीं करते है। थाना सदर प्रभारी सरकारी गाड़ी के खराब होने का राग अलापते रहे। पुलिस तीन घंटे के बाद पहुंची तो उनके साथ केवल एक लेडी पुलिस रही। पुरुष पुलिसकर्मी महिलाओं को जाम से हटाते नजर आए।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की चंदौली स्थित शाखा में शुक्रवार को फिर से पेंशन व कैश नहीं दिया गया। ऐसे में लोगों का गुस्सा फूट गया और लोगों ने गांव के अड्डे पर जाम लगा दिया। लोगों के सड़क पर बैठ जाने से दोनों तरफ जाम लग गया और सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए।
तीन घंटे बाद पहुंची पुलिस, लेकिन महिला पुलिसकर्मी एक ही
बैंक के आगे कैश न मिलने के कारण लोगों ने जाम लगा दिया। पुलिस तीन घंटे बाद पहुंची तो उसमें महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। जिस कारण जाम लगाए बैठे ग्रामीणों ने महिलाओं को आगे कर दिया। इसके बाद एक महिला पुलिसकर्मी पहुंची। वह महिलाओं को सड़क से उठाने में सफल नहीं हो सकी। इसके बाद पुरुष पुलिसकर्मियों ने जबरदस्ती महिलाओं को सड़क से उठाया और यातायात को सुचारु कराया।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की यह है स्थिति
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कैश की कमी कई दिनों से चल रही है। जिससे नाराज लोगों ने बैंक के आगे सडक़ पर जाम लगा दिया गया। वहीं बैंक कर्मचारियों का कहना है कैश लेने ही जा रहे थे तो लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। जिस कारण वे कैश नहीं ला सके। शुक्रवार को चार में दो कर्मचारी छुट्टी पर थे। जिस कारण भी कैश नहीं बांटा जा सका।
ग्रामीण दो दिन पहले भी लगा चुके हैं जाम
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बैंक के आगे ग्रामीण दो दिन पहले भी जाम लगा चुके है। लेकिन जाम लगने के घंटे भर में कैश मिलने के बाद लोगों ने अपने आप ही जाम को खोल दिया था। इसमें पुलिस फोर्स की जरूरत नहीं पड़ी थी। लेकिन हर बार इसी बैंक के आगे ही पेंशन धारक जाम लगाते है। इसमें सबसे पहले बैंक में स्टाफ कम होने के कारण जाम लगता है। दूसरी ओर बैंक कर्मचारी कैश होते हुए भी कैश नहीं देते।
गांव चंदौली निवासी कपूरा कश्यप ने बताया कि वह अपने परिवार से अलग रहता है। जिस कारण उसको पेंशन की अधिक जरूरत रहती है। मैं पांच दिन से हर रोज बैंक में पेंशन लेने का रहा हूं। लेकिन बैंक कर्मचारियों का सिर्फ एक ही जवाब होता है कि आज कैश नहीं आया। मुझे हर बार खाली हाथ वापस जाना पड़ता है।
गांव गढ़सरनाई निवासी नंदी देवी ने बताया कि उसका एक पैर टूटा हुआ है। वह ऐसे में चलने व खड़े होने में असमर्थ है। हर रोज पोते के साथ बाइक पर आती हूं। उसकी तीन महीने की पेंशन रूकी हुई है। अब उसको जरूरत है। लेकिन बैंक कर्मचारी उसकी पेंशन नहीं दे रहे है। हर रोज घंटे बैठकर वापस घर चले जाते है।
थाने में राइडर नहीं है, पीसीआर भी खराब खड़ी है। सरकारी गाड़ी की भी राड टूटी हुई है। जिस कारण पुलिस समय पर नहीं पहुंच सकी। प्राइवेट वाहन में पुलिस कर्मचारियों को घटनास्थल पर भेजा गया।
अजय कुमार, प्रभारी, थाना सदर।
ग्रामीण आंचल के लोगों को पैसों की जरूरत कहां होती है। कुछ लोग ऐसे ही लाइन में लग जाते हैं। सरकार कैशलेस को बढ़ावा दे रही है तो उनको उनको भी कैशलेस को अपनाना चाहिए। जाम लगाने से कैश का समाधान नहीं होता।
राकेश वर्मा, एलडीएम पानीपत।