प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जीटी रोड और पसीना कलां रोड स्थित एक एक्सपोर्ट हाउस समेत तीन फैक्ट्रियों की 94 मशीनें अज्ञैर चार जेनरेटर सेट सील कर दिए। दोपहर बाद शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक चली। इस दौरान उद्यमियों और अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई।
द्यमियों ने बोर्ड की कार्रवाई को अफसरशाही बताया। हरियाणा व्यापार मंडल इस दौरान उद्यमियों के समर्थन में आ गया। मंडल के प्रदेशाध्यक्ष ने इसका फैसला सड़क पर करने की चेतावनी दी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ भूपेंद्र सिंह चहल चेयरमैन के आदेशानुसार जीटी रोड और पसीना कलां रोड स्थित चारों फैक्ट्रियों की मशीनों को सील करने के लिए बुधवार को डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे से मिले।
डीसी ने पीसीबी के आरओ की मांग पर एमडी शुगर मिल बीर सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। पुलिस अधिकारियों को विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश दिए। इसके बाद थाना सदर प्रभारी अजय मोर और थाना बापौली प्रभारी नरेंद्र कुमार दल-बल के साथ जीटी रोड और पसीना कलां रोड पर पहुंचे।
यहां पर उद्यमियों ने हर फैक्ट्री में पीसीबी की कार्रवाई का विरोध किया। लेकिन, अधिकारी कार्रवाई करते रहे।
बालाजी स्पेनटैक्स में मशीनें सील
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ भूपेंद्र सिंह चहल ने बताया कि जीटी रोड स्थित बालाजी स्पेनटैक्स में ब्लीचिंग का वेस्ट बोर से नीचे डाला जा रहा था। इसके चलते फैक्ट्री की छह कोर्ड ओपन हेड मशीन, एक टीएफओ, एक चीफ वेंडर, 16 कार्ड मशीन, 13 अबरोहा कार्डिंग मशीन और एक जेनरेटर सेट को सील कर दिया गया।
फैक्ट्री मालिक राजेश अग्रवाल ने बताया कि फैक्ट्री नियमों के अनुसार चल रही थी। पीसीबी के अधिकारियों ने आकर मशीनों को सील करना शुरू कर दिया। वे उच्च अधिकारियों से अपील करेंगे।
डिलाइट इंटरनेशनल में 40 मशीन सील
पीसीबी के आरओ ने बताया कि दूसरी कार्रवाई पसीना कलां रोड स्थित डिलाइट इंटरनेशनल में की गई। बोर्ड की टीम ने यहां 40 मशीन और एक जेनरेटर सेट को सील कर दिया। इसी बीच हरियाणा व्यापार मंडल के अध्यक्ष रोशनलाल गुप्ता पहुंच गए। उन्होंने उद्योग मंत्री समेत दूसरे नेताओं से बात की।
अधिकारियों ने फैक्ट्रियों से संबंधित मामला विधानसभा सत्र में लगा होने की बात कही। इस संबंध में चेयरमैन और डीसी के आदेश बताए। फैक्ट्री मालिक अमित तायल ने बताया कि फैक्ट्री में किसी तरह के नियमों की अवहेलना नहीं की जा रही थी।
विकास स्पिनिंग में 13 मशीन सील
पीसीबी के आरओ ने बताया कि टीम ने तीसरी कार्रवाई पसीना कलां रोड स्थित विकास स्पिनिंग में की। यहां पर 13 मशीन और एक जनरेटर सेट सील किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उद्यमी अधिकारियों का सामना कर थक गए। इसके बाद उद्यमियों ने शटर खोलने शुरू कर दिए। बोले लो कर दो सील, पूरी फैक्ट्री को सील कर दो।
जेके इंटरनेशनल में अधिकारियों से उलझे रोशन लाल
पीसीबी ने चौथी कार्रवाई जेके इंटरनेशनल में की। पीसीबी की टीम से पहले ही व्यापार मंडल के अध्यक्षता रोशनलाल गुप्ता और अन्य उद्यमी फैक्ट्री में पहुंच गए। रोशनलाल गुप्ता अधिकारियों की कार्रवाई करने पर उलझ गए। उन्होंने कहा कि वे फैक्ट्री को सील नहीं होने देंगे।
अधिकारी पहले मौका मुआयना करें। इसमें कमी मिले तो कार्रवाई कर सकते हैं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीर सिंह ने उनको समझाया। इन सबके बीच अधिकारियों ने एक के बाद एक चार मशीन और एक जेनरेटर सेट सील कर दिया।
यह है पुराना मामला
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन्हीं चारों फैक्ट्रियों को करीब तीन माह पहले क्लोजर नोटिस जारी किए थे। पीसीबी की टीम को पसीना कलां के सरपंच की शिकायत मिली थी। उद्यमियों ने इस पर रोष व्यक्त किया था और डीसी से मिलकर जांच के बाद ही कार्रवाई की मांग की थी।
डीसी ने सीटीएम पानीपत को जांच सौंप थी। थाना सदर पुलिस ने पसीना कलां के सरपंच के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। उद्यमियों ने सरपंच पर पैसे वसूली के आरोप लगाए थे। उद्यमियों और ग्राम पंचायत के बीच बाद में समझौता हो गया था। इन सबके बीच चारों फैक्ट्रियों पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई थी।
एक विधायक कार्रवाई के पक्ष में, दूसरा विरोध में
फैक्ट्रियों के मामले में जिले के दो विधायक आमने-सामने हैं। शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी के पति फैक्ट्रियों को चलने देने के पक्ष में हैं। जबकि समालखा हलका विधायक रविंद्र मच्छरौली स्थानीय लोगों की पानी संबंधित परेशानियों की शिकायत के आधार पर फैक्ट्रियों पर कार्रवाई के पक्ष में हैं। समालखा विधायक ने इन फैक्ट्रियों पर कार्रवाई का सवाल विधानसभा सत्र में लगाया हुआ है।
क्लोजर नोटिस और कार्रवाई अफसरशाही का परिणाम
उद्यमियों ने बुधवार शाम को पसीना कलां रोड स्थित जेके इंटरनेशनल में बैठक की। सभी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की। उद्यमी जगदीश अग्रवाल ने कहा कि चारों फैक्ट्रियों में से किसी में भी डाइंग का काम नहीं हो रहा। अधिकारी वॉश बेसन के पानी के सैंपल भरकर ले गए।
सरकार और अफसरशाही भारी हो गई है। यह उद्योगपतियों के लिए चिंता का विषय है। बोर्ड अधिकारियों ने साथ के साथ पानी के सैंपल भरे हैं। सरकार खुद वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाने की बात कर रही है। दूसरी तरफ अधिकारी उन पर कार्रवाई कर रहे हैं। इस मौके पर बलजीत नगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान आरबी गुप्ता, अजय अग्रवाल और अतुल गुप्ता मौजूद रहे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मांग पर पर्याप्त पुलिसबल दिया गया है। मैं भी कार्रवाई में साथ में रहा। उद्यमियों ने कार्रवाई का हल्का विरोध किया था। पुलिस ने पीसीबी की कार्रवाई में पूरा सहयोग दिया है।
अजय मोर, प्रभारी, थाना सदर पानीपत।
पसीना कलां रोड स्थित चारों फैक्ट्रियों को नियमों की अनदेखी कर सील किया गया है। अफसरशाही खुलकर चली है। अधिकारियों ने एक बार भी उद्यमियों की बात नहीं सुनी। उद्यमी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरेंगे। अधिकारियों को वहीं पर बुलाकर उनकी असलियत दिखाएंगे। इसको लेकर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
रोशनलाल गुप्ता, प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा व्यापार मंडल।
जीटी रोड और पसीना कलां स्थित चार फैक्ट्रियों में डोमेस्टिक और ब्लीचिंग के वेस्ट को बोर के माध्यम जमीन में डाल रहे थे। इसके चलते आसपास का ग्राउंड वाटर खराब हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले दिनों क्लोजर नोटिस दिया था, लेकिन उद्यमियों ने चेयरमैन से अपील कर दी थी। अब चेयरमैन के आदेशों पर फैक्ट्रियों की मशीनें और जेनरेटर सेट सील किए गए हैं। इसमें आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
भूपेंद्र सिंह चहल, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पानीपत।