बतरा कॉलोनी में फैली गंदगी से डायरिया के कारण सात लोगों की मौतों ने स्वच्छता अभियान के दावों की पोल खोल दी है।
कॉलोनियों में लगे गंदगी के ढेर और गंदे पानी की निकासी न होने से फैल रही इस बीमारी ने सोचने पर मजबूर कर दिया है। लेकिन इतना सब होने के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से शहर की स्वच्छता के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बनी।
निगम का पूरा अमला पिछले चार दिनों से केवल बतरा कॉलोनी की सफाई में जुटा है। लेकिन शहर की दर्जनों कॉलोनियां अभी ऐसी हैं जहां सफाई हुए महीनों बीत गए।
उन कॉलोनियों में जगह-जगह पर लगे गंदगी के ढेर निगम के कारनामों की पोल खोल रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से स्वच्छता अभियान के लिए जितना समय और पैसा उसकी ब्रांडिंग या प्रचार पर खर्च हुआ है। उसका दस प्रतिशत भी सफाई पर नहीं हुआ।
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को प्रमुखता से शुरू करने वाली प्रदेश सरकार उसे साकार रूप देने में नाकाम है। सरकार की ओरसे जारी निर्देश फाइलों से बाहर नहीं आ सके।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कागजी सवालों के जवाब में ही कई पेज की रिपोर्ट जमा करवाई। लेकिन उसका शहर की स्वच्छता से कोई सरोकार नहीं रहा।
शहर में जब भी मुख्यमंत्री या किसी अन्य वीआईपी का आगमन हुआ तो प्रशासन ने शहर के मुख्य मार्ग और मेन गलियों को ही साफ करवाया। इसके अलावा कार्यक्रम के आयोजन स्थल की लीपापोती की। लेकिन बाहरी कॉलोनियों और स्लम बस्तियों की तरफ काई ध्यान नहीं दिया।
बतरा कॉलोनी में फैली बीमारी के बाद अब पूर शहर जाग गया है। अब अन्य वार्डों के पार्षद और लोग भी निगम अधिकारियों से अपनी क्षेत्र की सफाई की मांग करने लगे हैं। जबकि इससे पहले आज तक निगम प्रशासन और शहर की जनता में सफाई व्यवस्था के लिए इतनी उत्सुकता दिखाई नहीं दी।
बतरा कॉलोनी में फैली गंदगी और जमा हुए पानी से फैले डायरिया के कारण सात की मौत होने के बाद निगम प्रशासन अब अपनी पूरी ताकत के साथ कॉलोनी की सफाई करने में जुटा है। वहीं, दूसरी ओर मृतक के परिजनों और डायरिया की चपेट में आने पर बीमार चल रहे लोगों का कहना है कि काश निगम प्रशासन सफाई को लेकर पहले जागा होता, तो उन्हें यह दिन न देखने पड़ते।
फोटो कोट्स
निगम प्रशासन यदि समय रहते लोगों का दर्द सुन लेता तो आज उन्हें यह मुसीबत न झेलनी पड़ती। आज तक तो प्रशासन ने इस कॉलोनी को अवैध बताकर उसके साथ सौतेला व्यवहार किया है। अब प्रशासन की ओर किया जा रहा काम लोगों के प्रति हमदर्दी नहीं उसकी मजबूरी है।
संजय जोशी शहरवासी।
फोटो कोट्स
आज तक सफाईकर्मियों ने कॉलोनी से कभी कूड़ा नहीं उठाया था। सफाईकर्मी नालों की गंदगी और कूड़ा आसपास के खाली प्लॉटों में डालकर चले जाते थे। उसकी की वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है।
संजय ढींगड़ा शहरवासी।
फोटो कोट्स
कॉलोनी के लोगों पर जब यह परेशानी आई है तो अधिकारी और राजनेता अपना हित साधने के लिए हमदर्दी दिखाने पहुंच गए हैं। इससे पहले तो चुनाव से पहले या बाद में किसी भी नेता ने आने की जरूरत नहीं समझी।
राजेश कुमार शहरवासी।
फोटो कोट्स
शहर में गंदगी का आलम केवल बतरा कॉलोनी ही नहीं शहर की अन्य 67 कॉलोनियों में भी है। इसे आज तक निगम ने अवैध बताकर उनके साथ सौतेला व्यवहार किया है। इतनी बड़ी घटना के बाद निगम ने उन कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था के कोई प्रबंध नहीं किए हैं।
धर्मेंद्र मलिक शहरवासी।
वर्जन
शहर की सभी कॉलोनियों की स्वच्छता को लेकर निगम ने विशेष प्लानिंग बनाई है। इसके तहत बारी बारी सभी कॉलोनियों की सफाई करवाई जाएगी और हर कॉलोनियों में कूड़ा प्लेस निर्धारित कर डस्टबिन भी रखे जाएंगे।
एनडी वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता नगर निगम पानीपत।