राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से चलाए जाने वाले सफाई अभियान के लिए डीसी समीरपाल सरो, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के जन प्रतिनिधियों के बीच लघु सचिवालय में बैठक हुई।
इसमें डीसी ने कहा कि दो अक्टूबर का सफाई अभियान उसी दिन तक सीमित न रहे। इसके लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने शहर की सामाजिक संगठनों को इस सराहनीय पहल के लिए हर संभव सहायता मुहैया कराने का भी ऐलान किया।
मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में हुई जिला समाज सेवी संस्थाओं और क्लब पदाधिकारियों की बैठक में डीसी ने कहा कि गत दिनों डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने शहर में बड़ी तेजी से सफाई कार्य करवाया।
इसे देखकर शहर के अन्य सामाजिक संगठन भी आगे आए हैं। शहर की स्वच्छता के लिए निगम की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर को चलाए जाने वाले अभियान की सफलता के लिए प्रशासन भी प्रतिबद्ध है। दो अक्टूबर के सफाई अभियान के लिए शहर को एक बार फिर पांच जोन में बांटा है।
प्रत्येक जोन और वार्ड के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। हर वार्ड मेें 11 पुरुष और महिला सदस्यों की एक कमेटी भी बनाई जाएगी। जो हर माह वार्ड में निगम सफाई कर्मियों के कार्यों का लेखा जोखा तैयार करेंगे।
सफाई अभियान की निरंतरता को बरकरार रखने के लिए डीसी ने कहा कि सफाई कर्मियों को सफाई कार्यों के तौर तरीके बताएंगे। सफाई अभियान के दौरान हर वार्ड में तीन ट्रैक्टर और ट्राली मुहैया कराई जाएंगी। जो साथ की साथ कूड़े को उठाएंगी।
निगम प्रशासन बैंक्वेट हॉल और होटलों से निकलने वाले खाद्य अवशेष को खुले में डालने पर रोक लगाएगा। खुले में कचरा डालने पर जुर्माना लगाया जाएगा। डीसी ने बताया कि शहर में सफाई कार्यों पर हर माह करीब सवा करोड़ रुपये खर्च होते हैं। लेकिन हालात जस के तस हैं। इसका प्रमुख कारण लोगों में जागरूकता का अभाव होना है। इस मौके पर मेयर सुरेश वर्मा, संयुक्त निगमायुक्त एवं सीटीएम विवेक चौधरी एसडीएम सुभाष श्योराण के अलावा विभिन्न वार्डों के पार्षद और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।