ढाई महीने से मां की गोद के लिए तरस रही परी को लोग अपनाने के लिए तैयार हैं। उसकी आवाज बनने के लिए शहर की संस्थाएं इकट्ठा होने लगी हैं।
अभी तक टीम आवाज ही इस मामले में आगे आई है। अब इनर व्हील मिडटाउन क्लब भी आगे आ रहा है। संस्थाओं के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक परी को उसकी मां की गोद नहीं मिल जाती तब तक लड़ाई जारी रहेगी।
टीम आवाज के अजय सिंगला ने बताया कि इस मामले में प्रशासन कोई योगदान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि परी के मामले में कानूनी मदद ली जाएगी। इसके लिए टीम के सदस्य सोमवार को न्यायालय जाकर कानून विशेषज्ञों से मिलेंगे।
अजय सिंगला ने बताया कि परी को न्याय दिलाने के लिए वे दिल्ली में जाकर केंद्रीय मंत्री को इस मामले में अवगत कराएंगे और जंतर मंतर पर सांकेतिक धरना भी देंगे।
इनरव्हील क्लब मिड टाउन क्लब की प्रधान सीमा बब्बर ने कहा कि परी के माता-पिता सब कुछ पता होने के बावजूद बच्ची को नहीं अपना रहे तो डीएनए रिपोर्ट आने के बाद कैसे अपनाएंगे। बब्बर ने कहा कि उनके परिचित लोग परी को अपनाने के लिए तैयार हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ संस्था के सदस्यों ने शनिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया। सदस्यों ने परी को कृष्ण की पोशाक पहनाकर और मोरपंखी लगाकर परी को तैयार किया। इस दौरान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ संस्था के संयोजक अशोक छाबड़ा, सह संयोजक मनोज शर्मा, गीता गाबा, प्रोमिला लठवाल, सुमन भल्ला, कुसुम शर्मा और सविता आर्य मौजूद थे।