शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मंदिरों में मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना करने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर के प्राचीन श्री देवी मंदिर में नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालु तड़के से ही पहुंचने लगे थे। सभी ने माता के जयघोष के साथ पूजा-अर्चना की और समाज, परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी।
मंदिरों में बुधवार को तड़के चार बजे से ही मां के भक्तों का तांता लगाना शुरू हो गया। भक्तों ने श्रद्धा भाव से मां की पूजा-अर्चना करते हुए ज्योत जलाई और सुख समृद्धि की मन्नतें की। शाम के समय पांच बजे से फिर मंदिर में मां के भक्तों का आना-जाना शुरू हो गया। मां के भक्तों ने प्राचीन श्री देवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर तहसील कैंप, सनातन धर्म शिव मंदिर हुड्डा, तहसील कैंप श्रीराम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में मां के दर्शन किए।
पंडित निरंजन पाराशर ने बताया कि मां दुर्गा के चौथे स्वरूप को कुष्मांडा देवी कहते है। यह देवी अपने उदर से ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाली हैं। इनकी आराधना करने वाले भक्तों के सभी प्रकार के रोग और कष्ट मिट जाते हैं। साधक को मां की भक्ति के साथ ही आयु, यश और बल की प्राप्ति भी सहज ही हो जाती है।
श्री देवी मंदिर में लगा मेला
नवरात्र के चलते श्री देवी मंदिर परिसर में मेला लगा हुआ है। मंदिर में पूजा के लिए आए बच्चों ने मेले का खूब लुत्फ उठाया। व्रतधारियों के लिए विशेष रूप से खान-पान की वस्तुएं उपब्लध हैं।