नगर निगम की हाउस की बैठक को लेकर मेयर और अधिकारियों के बीच खींचतान मची हुई है। मेयर ने सात अक्तूबर की बैठक को लेकर कमिश्नर को दो बार पत्र लिखा है, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है। इस पर मेयर ने रोहतक मंडलायुक्त को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी है। मेयर का आरोप है कि हाउस की बैठक को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं है। बैठक न होने से त्योहारी सीजन में भी शहर के विकास कार्य अटके हुए हैं। इससे पहले भी नगर निगम की हाउस की बैठकों में कोरम पूरा न होने के चलते विकास के मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है। सरकारी और निगम अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान का खामियाजा शहरवासियों को उठाना पड़ रहा है।
त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में शहरवासी अपने आसपास और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुधरा और नए रूप में देखना चाहते हैं। इन सबको के लिए नगर निगम हाउस की बैठक सात अक्तूबर को प्रस्तावित है। मेयर सुरेश वर्मा का कहना है कि वे बैठक को लेकर नगर निगम कमिश्नर को दो बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अधिकारी इस बैठक को लेकर किसी तरह का संवाद नहीं कर रहे। हाउस की बैठक के प्रस्तावित तारीख को लेकर मात्र एक दिन बचा है। हालात देखकर बैठक होने पर आशंका है।
पार्षद काम को लेकर काट रहे चक्कर
हाउस की बैठक के बिना शहर के विकास कार्य ठप हैं। पार्षदों में भी रोष है। पार्षद स्वयं फाइलों को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। बावजूद इसके वार्डों में काम नहीं हो पा रहे। वार्ड-17 के पार्षद सुनील वर्मा ने बताया कि वह तीन दिन से नगर निगम में एसई कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कमिश्नर ने खुद एक कार्य का एस्टीमेट तैयार करने के लिए बोला है। अब अधिकारी सुन नहीं रहे। नगर निगम में पार्षद को नौकर बनाकर रख दिया गया है।
मेयर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की
मेयर सुरेश वर्मा ने हाउस की बैठक न होने पर बुधवार को लालबत्ती चौक स्थित नगर निगम कार्यालय में निगम अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में शहर के विकास कार्यों पर चर्चा की गई। इस दौरान स्ट्रीट लाइट लगने, साइन बोर्ड और नूरवाला में सरकारी स्कूल बनाने आदि मुद्दों पर चर्चा हुई। मीटिंग में नगर निगम एसई एनडी वशिष्ठ, एक्सइएन रामदास शर्मा, एमई अंकित लौहान, प्रदीप कल्याण मौजूद रहे।
दो बार हाउस की बैठक के लिए लिख चुका हूं,
मेयर सुरेश वर्मा ने बताया कि हाउस की बैठक के लिए नगर निगम कमिश्नर को दो बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। इस कारण पार्षदों में रोष है विकास कार्य अटके पड़े है। इसके बाद ही उन्होंने बुधवार को रोहतक कमिश्नर को इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने डीसी से बात करके जल्द बैठक कराने का आश्वासन दिया है।
बैठक न बुलाने का एक कारण यह भी
नगर निगम के 24 में से 11 पार्षद मेयर सुरेश वर्मा के खिलाफ खड़े हैं। ये पार्षद पिछले माह रोहतक मंडलायुक्त से मिलकर मेयर के खिलाफ अविश्वास लाने की मांग कर चुके हैं। ये सभी पार्षद पहले दिन से ही बैठक बुलाने की मांग कर रहे हैं। रोहतक मंडलायुक्त बैठक की मांग को न तो स्वीकार कर रहे हैं और न ही उनकी मांग को रिजेक्ट किया गया है। नगर निगम अधिकारी भी भी इन 11 पार्षदों को लेकर चिंतित हैं। निगम के एक सूत्र ने बताया कि बैठक बुलाने पर या तो ये 11 पार्षद बैठक में शामिल नहीं होंगे या फिर अपनी मांगों को लेकर हंगामा कर सकते हैं।
शहर के कई प्रमुख कार्य अटके
नगर निगम हाउस की बैठक न होने पर शहर के कई विकास कार्य अटके हुए हैं। इनमें से प्रमुख शहर की स्ट्रीट लाइटों का है। हालांकि, इसका दो जोन में टेंडर हो चुका है। ठेकेदार के पिछली बार की अपेक्षा कम रेट देने के कारण यह मामला हाउस में रखना जरूरी है। दूसरा कॉलोनियों के साइन बोर्ड लगाने का मुद्दा भी हाउस की बैठक में रखा जाना है।
हाउस बैठक के लिए मेयर का लिखा पत्र मिला है। विकास कार्यों को लेकर प्रयासरत हैं। जल्द बैठक बुलाई जाएगी। बैठक से पहले तो मेयर के खिलाफ अविश्वास की मांग के बारे में देखना होगा।
वीना हुड्डा, कमिश्नर नगर निगम पानीपत।