अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दुराचार और छेड़छाड़ के मामले में झोलाझाप डॉक्टर समेत तीन लोगों को दोषी करार दिया है, जबकि दो को बरी कर दिया। अदालत की ओर से तीनों दोषियों को 16 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी।
मामला थाना इसराना के अंतर्गत एक गांव का है। एक महिला ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि 1998 में उसकी शादी हुई थी। इसके बाद वह बीमार रहने लगी। उसके मकान के साथ ही दलेल और परमिश का मकान लगता था।
वे उसकी बीमारी का हाल जानने के लिए घर आया-जाया करते थे। आरोप है कि इसी बीच दलेल ने उसके साथ दुराचार किया और परमिश ने छेड़छाड़ की। वह गांव में डॉक्टरी का काम करने वाले सुरेंद्र के पास गई तो उसने भी दुराचार किया।
आरोप है कि सुरेंद्र ने उसका कई बार गर्भपात भी कराया। महिला का आरोप है कि नरेंद्र और सावन आरोपी की मदद करते थे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरएस डिमरी की अदालत ने आरोपी सुरेंद्र व दलेल को दुराचार और परमिश को छेड़छाड़ के आरोप में दोषी करार दिया, जबकि सावन और नरेंद्र को बरी कर दिया।
अदालत ने तीनों की सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। सजा 16 जुलाई को सुनाई जाएगी।