आईएसबीटी दिल्ली में अधिकारियों की कथित प्रताड़ना के बाद कंडेक्टर सुंदर लाल की मौत के मामले में सरकार ने आश्रित परिवार को दस लाख की आर्थिक मदद करने और पत्नी को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने का फैसला लिया है। वहीं आरोपी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। परिवहन मंत्री ने यातायात प्रबंधक रितू शर्मा को सस्पेंड कर दिया है और एफएसओ लाजपत राय का तबादला करने भरोसा दिया है। इस मामले के बाकी अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। यूनियनों ने इसके बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली।
परिवहन एवं आवास मंत्री ने वीरवार को रोडवेज यूनियनों के प्रदेश स्तरीय नेताओं के साथ अपने मतलौडा स्थित आवास पर बैठक की। परिवहन मंत्री ने करीब दो घंटे तक रोडवेज विभाग की पांच यूनियनों के प्रदेश प्रधान व महासचिवों के साथ बैठक की। यूनियन नेताओं ने कंडक्टर सुंदर सिंह के आश्रित परिवार को दस लाख की सहायता राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ इस मामले में कथित आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने मंत्री को ऐसा न होने पर हड़ताल लगातार जारी रहने की बात कही।
परिवहन मंत्री ने उनकी मांगों को जायज ठहराया और मांगों को लागू करने का भरोसा दिया। मंत्री पंवार ने यूनियन नेताओं को बताया कि आईएसबीटी की यातायात प्रबंधक रितू शर्मा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और आईएसबीटी के एफएसओ लाजपत राय का जल्द ही अन्य किसी जगह तबादला कर दिया जाएगा। इसके अलावा बाकी अधिकारियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी भरोसा दिलाया। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सरबत सिंह पुनिया ने बताया कि परिवहन मंत्री ने यूनियन की मांगों को मान लिया है।
यूनियन ने आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली है। इस मौके पर एसकेएस के प्रदेशाध्यक्ष सरबत पुनिया, खजांची राजपाल, कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष दलबीर नेहरा, इंटक के प्रदेशाध्यक्ष अनूप सहरावत, भारतीय मजदूर संघ के प्रधान आजाद सिंह मलिक, महासचिव सतपाल रोहिला, वीरेंद्र धनखड़, महाबीर मलिक व मिनिस्ट्रीयल स्टाफ यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष बलराज देशवाल मौजूद रहे।