देश को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देने वाली पानीपत की धरती से प्रशासनिक स्तर पर बेटियों को बचाने व पढ़ाने की एक और पहल शुरू की है। सुशासन सहयोगी की अगुवाई में एक वेब पोर्टल तैयार किया गया है। यह प्रदेश ही नहीं देश का पहला इस तरह का वेब पोर्टल होगा जिसमें जिले का सेक्स रेशों एक क्लिक दबाते ही स्क्रीन पर होगा। अधिकारियों का दावा है इससे गांवों का सेक्स रेशो भी देखा जा सकेगा।
लघु सचिवालय के द्वितीय तल के सभागार में लिंगानुपात के आंकड़ों की सही जानकारी और इसकी मॉनिटरिंग के लिए अतिरिक्त उपायुक्त राजीव मेहता की अध्यक्षता में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बताया गया कि जिला प्रशासन और आम जनता के सहयोग से अब पानीपत जिले का लिंगानुपात 961 तक पहुंच गया है। अतिरिक्त उपायुक्त बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रशासन ने जिले के सभी गांवों के लिंगानुपात आंकड़ों को एक जगह लाकर लिंग अनुपात निगरानी डैश बोर्ड बनाया है। इस पर स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के गांव वार मासिक आंकड़ों को आसानी से देखा जा सकेगा। अब इस लिंगानुपात निगरानी डैश बोर्ड को आम जनता के लिए भी जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रियांजलि मित्रा ने बताया कि स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के 2015 के बाद के सभी आंकड़ों की तुलना भी इसमें की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस पहल से जनता के बीच सामूहिक जवाबदेही का निर्माण तो होगा ही साथ ही जिले में लिंगानुपात की निगरानी में नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी। आंकड़ों की मेन्युअल प्रविष्टि से होने वाली गलतियों पर भी रोक लगेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बढ़ाया जाएगा कदम
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रियांजली मित्रा ने बताया कि सेक्स रेशों का आकड़ा ऑनलाइन करने के बाद अब शिक्षा दर को भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें ड्राप्ट आउट बच्चों की संख्या के साथ अन्य जानकारी साझा की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस डैशबोर्ड को तैयार करने में जिला सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी मुकेश चावला, सहायक सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी संजय कुमार, जूनियर प्रोग्रामर गीतांजलि बिंद्रा, जूनियर प्रोग्रामर दीपांशु का तकनीकी सहयोग प्रशंसनीय रहा है।
जमीनी स्तर पर बेहतर बनाया जाएगा काम
उन्होंने बताया कि इस डैशबोर्ड को महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी और सिविल सर्जन के साथ साझा किया गया है, ताकि वे जमीनी स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा वर्करों के साथ सार्थक समन्वय स्थापित कर इस पर मासिक रिपोर्टिंग कर सकें। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की एडिशनल डीपीओ, सरोज बाला सुपरवाइजर, संगीता सुपरवाइजर, रोशनी देवी सुपरवाइजर मौजूद रहे।
पानीपत का सेक्स रेशो सुधरा, लेकिन प्रदेश में स्थान खिसका
पानीपत के सेक्स रेशों में सुधार आया है। अब 1000 लड़कों पर 907 लड़कियां हैं। ऐसे में पानीपत प्रदेश में आठवें स्थान पर है। पहले यह दूसरे स्थान पर था। एडीसी राजीव मेहता ने बताया कि दूसरे जिलों में इसमें सुधार आया है। वहीं जनवरी 2017 में अब तक पानीपत 961 के साथ चौथे नंबर पर है। सोनीपत 975 के साथ पहले, रोहतक 969 के साथ दूसरे और कैथल 962 रेशों के साथ तीसरे नंबर पर है।