हजरत ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्क शाह विलायत साहब का 736वां सालाना उर्स मुबारक के दूसरे दिन शाह विलायत साहिब के मजार पर चादर पेशकर अमन व खुशहाली की दुआ मांगी। देर रात उर्स मुबारक पर कव्वालों ने संमा बांध दिया।
रविवार को दरगाह जलालुद्दीन कबीरूल औलिया मखूद साहब वार्ड-11 से कुल शरीफ बाद चादर का जुलुस कलंदर चौक होता हुआ शाह विलायत साहिब र.ह. के मजार पर पहुंचा।
इससे पूर्व दरगाह शाह विलायत में दुध की रस्म अदा की। इस दौरान दूर दराज से आए जयरीनों ने चादर मुबाकर दरगाह पर पेश कर अमन चैन व खुशहाली की दुआ की। वहीं उत्तराखंड से राव शेर मोहम्मद साहब ने दरगाह में हाजिरी देते हुए सुख शांति के लिए दुआ मांगा। इसके बाद दरगाह के अंदर महफिल-ए-संमा का आयोजन किया गया।
रूड़की स्थित क्लीयर कव्वाल निजाम साबरी, कव्वाल गुलाब नवाब हुसैन साबरी ने कव्वालियों पेश कर संमा बांध दिया। सोसायटी के मेराज हुसैन साबरी ने बताया कि सुबह उर्स मुबारके के दूसरे दिन चादर पोशी की रस्म अदा की गई। देर रात महफिल-ए-संमा कव्वाली ने जयरीनों को झूमने पर मजबूर कर दिया। 21 मार्च को बाद नमाज फजर कुरान खवानी हलका व जिक्र सुबह दस बजे कुल शरीफ महफिल व रंग बाद दुआ लंगर तकसीम होगा। इस मौके पर चेयरमैन हज कमेटी मुनीश अंसारी, रामनगर नगर पालिका के चेयरमैन हाजी अकरम साबरी, नवाब इमामुर्रहमान, नवाब, अरमान अली, एडवोकेट शाकिर अली अंसारी, सोहराब हसन, शमीम, सोनू , हाजी सलीम मौजूद रहे।