हैंडलूम नगरी के उद्योगपतियों ने सांसद अश्विनी चोपड़ा के सामने औद्योगिक सेक्टरों की समस्याएं रखते हुए समाधान करने की की। उद्यमियों ने साफ कहा कि पानीपत में उद्योग चलाना नरक हो गया है। यहां पर बायर तक आकर लौट जाते हैं। ऐसे में औद्योगिक नगरी का व्यापार बढ़ नहीं पा रहा। सांसद अश्विनी चोपड़ा ने साफ कहा कि गली और सड़क की समस्या का समाधान एमएलए या पार्षद कराएं। वे बड़ी समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं। उद्यमी अपनी समस्याओं को लिखकर उनको दें। वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के सामने उनकी समस्याओं को रखेंगे।
एक्सपोर्टर एसोसिएशन ने मंगलवार को एक होटल में सांसद अश्विनी चोपड़ा की औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ गेट टू गेदर रखी थी। इसमें शहर की सभी एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा ने कहा कि उनकी उद्यमियों के साथ पहली मुलाकात है। उनका ध्यान अब पानीपत जिले के विकास की तरफ रहेगा। साफ कहा कि काला धन दो जगह है। एक तो विदेशी बैंकों और दूसरा कुछ चुनिंदा लोगों के पास। सरकार दोनों जगहों से दबे काले धन को बाहर निकाल रही है। इसी के चलते पानीपत ही नहीं, प्रदेश और देश में आयकर विभाग के सर्वे हो रहे हैं। किसी उद्यमी के साथ गलत हो रहा है, तो वे उनके साथ हैं।
किसी भी उद्यमी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने नाले, सड़क और ब्रिज ये सब स्थानीय नेताओं के स्तर की बात हैं। उनको इन समस्याओं का समाधान कराना चाहिए। उद्यमी अपनी मांगों को लिखित में उनको दें। उन्होंने कहा कि ड्रेन नंबर वन को करनाल स्थित नाले की तर्ज पर कवर किया जाना था। इससे शहर को काफी राहत मिलती, लेकिन अब समस्या ज्यों की त्यों है।
जिले के अधिकारियों के सामने इस बात को उठाया था, लेकिन उस वक्त तक 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। सांसद ने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि वे अगले संसद सत्र में पानीपत के उद्योग की समस्याओं का सवाल लगाएंगे। इनका समाधान होने के बाद ही शांत बैठेंगे। बताया कि करनाल के मोहिदीनपुर को सुधार दिया है। देश के प्रमुख 15 गांवों में इसका नाम है।
महिला जिलाध्यक्ष बोली, अब समय है लोगों की सुनने का
भाजपा महिला विंग की जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि आयकर विभाग का दबाव उद्योगपतियों ही नहीं, डॉक्टरों पर भी है। यह सबके लिए चिंता का विषय है। मेक इंडिया का सपना विशेषज्ञों के पानीपत में आने से ही साकार हो सकेगा। साफ कहा कि भाजपा का मिडल क्लास वोटर है। अपने वोटर की तरफ ध्यान देना होगा। पार्टी अगर इनकी तरफ ध्यान नहीं देगी तो समय आने पर वे भी साथ नहीं देंगे।
उद्यमियों ने ऐसे किया दर्द बयां
हैंडलूम एक्सपोर्टर मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने कहा कि हुडा सेक्टरों की सड़कें खस्ता हैं। उनसे टैक्स लिया जाता है और चैरिटी भी ली जाती है। वे सरकार के सुख-दुख के साथी हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। अधिकारियों के सामने समस्या रखते हैं, लेकिन वे कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं देते।
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि औद्योगिक सेक्टरों की समस्या देखकर समझ नहीं आता है कि वे समस्या को कहां से शुरू करें। कहा कि उनके पास मंगलवार को जर्मन से 12 सदस्यीय एक टीम आई थी। उनकी फैक्टरी देखने की इच्छा थी, लेकिन डाई सेक्टर में व्याप्त समस्याओं के चलते फैक्टरी में नहीं ले जा सके। उनको एक होटल में ही बैठक करनी पड़ी। पानीपत में 15 हजार करोड़ का व्यापार है। हुडा के अधिकारी ही सेक्टर-29 पार्ट टू को नरक मानते हैं, लेकिन समाधान नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि होटलों में बैठकर समस्या सुनने से कुछ नहीं हो पाता, जनप्रतिनिधियों को धरातल पर जाकर काम करना होगा।
एक्सपोर्टर सतेंद्र लिक्खा ने कहा कि उद्यमियों के सामने एक नहीं अनेक समस्याएं हैं। उद्योगपतियों के सामने अनेक समस्याएं हैं। सरकार को इनका समाधान करना चाहिए। सबसे पहले पानीपत को स्टार्टर सिटी में शामिल किया जाए। इसके चलते कुछ विकास हो सकेगा। उन्होंने सांसद अश्विनी चोपड़ा से दूसरी बैठक सेक्टर-29 पार्ट टू में करने की मांग की। सांसद ने इसका भरोसा दिया।
उद्यमी मदन बिंदल ने कहा कि हुडा सेक्टर ही नहीं पूरे शहर में जलभराव की समस्या है। यहां पर सेक्टरों में जाने तक का रास्ता नहीं है। दूसरी इकाइयों का पानी सीटीपी में लाया जा रहा है, जबकि सेक्टर की इंडस्ट्री का पानी सड़कों पर बह रहा है।
उद्यमी सुरेश गुप्ता ने कहा कि उद्यमी सरकार के अच्छे रिफोर्म को लेकर तैयार है। जीएसटी से होने वाले नुकसान को भी सहने को तैयार है। इन सबके बीच उद्योगपतियों को कुछ भी नहीं मिल रहा। उलटे आयकर विभाग के सर्वे के नाम पर डराया जा रहा है। हरियाणा व्यापार मंडल के चेयरमैन रोशन लाल गुप्ता ने आयकर विभाग के सर्वे के विरोध में अपना मांगपत्र भी सौंपा। साथ ही सबसे पहले अधिकारियों के सर्वे कराने की मांग की।
एक्सपोर्टर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रामनिवास गुप्ता ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने शहर की सुध नहीं ली। हर कोई अपनी रोटी सेक कर चला गया। उन्होंने कहा कि पानीपत के उद्यमियों ने विदेशों से पुराने कपड़े लाकर प्रोसेस कर उन्हीं विदेशियों के ड्राइंग रूम में टांग दिए हैं। सरकार को पानीपत के उद्यमियों को सहारा देना चाहिए। यहां के उद्यमी खुद बेसहारा है ओर उनसे ही सहारा लेने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पानीपत के उद्योग हीरा है और यह राख में पड़ा है। सरकार को इस पर काम करने की जरूरत है।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले, सरकार समाधान कर रही है
भाजपा जिलाध्यक्ष एवं उद्योगपति प्रमोद विज ने कहा कि वे एक उद्यमी हैं और एक उद्यमी की समस्या को अच्छे से जानते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों की समस्याओं को समझकर समाधान करने में लगी हुई है। प्रमोद विज ने उद्यमियों को उद्योग का गणित भी समझाने का प्रयास किया। विकास की योजनाओं पर काम करने का भरोसा दिया। कहा कि एलिवेटिड हाईवे मिस प्लानिंग थी, लेकिन अब समय हाथ से निकल गया है। सरकार इस दिशा में कुछ काम कर रही है।