जाट आरक्षण के दौरान जीटी रोड जाम करने पर कोर्ट ने गांव सिवाह और नांगल खेड़ी के18 लोगों को आरोपी करार देते हुए नोटिस दिया है। नोटिस मिलने से नाराज ग्रामीण लघु सचिवायल में एसपी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने एसपी से सभी मुकदमे कैसिंल करने की मांग की। एसपी ने ग्रामीणों को समझाते हुए केस कोर्ट में विचारधीन होने की बात कही।
जाट आरक्षण के दौरान शहर को बचाने वाले गांव सिवाह पर कोर्ट की गाज गिरी है। आरक्षण के दौरान प्रशासन की मदद करने वाले गांव सिवाह के 14 लोगों व नांगल खेड़ी के चार लोगों को कोर्ट ने नोटिस दिया। कोर्ट ने जांच में गांव सिवाह निवासी संदीप, मुकेश, वीरेंद्र, रामेहर, रामफल, चकरी, वेदपाल सहित 14 व नांगल खेड़ी निवासी चार लोगों को आरोपी करार दिया है।
सभी के खिलाफ कोर्ट में केस विचारधीन है। कोर्ट से नोटिस मिलने से नाराज ग्रामीण मंगलवार को एसपी राजेश दुग्गल के कार्यालय में पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि जाट आरक्षण के दौरान गांव सिवाह के लोगों ने प्रशासन का भरपूर सहयोग किया था। ग्रामीणों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने व हुड़दंगबाजों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस का पूरा सहयोग किया था।
गांव के लोगों ने ही आंदोलनकारियों को शहर में घुसने से रोका था। बावजूद इसके कोर्ट ने गांव सिवाह व नांगलखेड़ी के लोगों को ही जाम लगाने का आरोपी करार दे दिया। यह ग्रामीणों के साथ अन्याय है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एसपी दुग्गल को शिकायत पत्र देकर केस को खारिज करने की मांग की। एसपी दुग्गल ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि केस कोर्ट में विचारधीन है। इसमें पुलिस कुछ नहीं कर सकती है। मामले में सीधा सरकार ही हस्तक्षेप कर सकती है। एसपी दुग्गल के समझाने के बाद ग्रामीण लौट गए। इस मौके पर रामरत्तन, सोमबीर, रामफल, ओमप्रकाश, धर्मसिंह, जयभगवान, जयभगव, कृष्ण कुमार व करतार मौजूद रहे।
तीन दिन रहा था जीटी रोड बंद
विदित है 18 फरवरी को जाट आरक्षण आंदोलन तेज हो गया था। जिले में जीटी रोड पर गांव सिवाह के पास आंदोलनकारियों ने जाम कर दिया था। आंदोलनकारी तीन दिन तक जीटी रोड पर डटे रहे थे। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि सिवाह गांव की महिला व ग्रामीणों ने आंदोलनकारियों को शहर में घुसने से रोका था और सरकार सार्वजनिक मंच पर भी इस बात की घोषणा कर चुकी है। सरकार ने सिवाह गांव की महिला को विश्व महिला दिवस पर सिवाह गांव में प्रदेश स्तरीय समारोह पर सम्मानित भी किया था।
जाट आरक्षण आंदोलन में सिवाह में जीटी रोड जाम करने को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में कोर्ट का फैसला माना जाएगा। पुलिस को जरूरत पड़ी तो दोबारा जांच की जा सकती है।
जसपाल सिंह, प्रभारी, थाना चांदनी बाग।