आरटीआई कार्यकर्ता को गलत जानकारी देने की शिकायत पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने गीता पब्लिक स्कूल मतलौडा की जांच बैठा दी है और मंगलवार को स्कूल व रिकार्ड जांचने अधिकारियों की टीम स्कूल में पहुंची।
आरटीआई कार्यकर्ता मतलौडा निवासी महाबीर ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि मतलौडा स्थित गीता पब्लिक स्कूल रिहायशी मकान में चलाया जा रहा है। इस मिडिल स्कूल में करीब 250 विद्यार्थी है। इस स्कूल का क्षेत्रफल करीब एक हजार वर्ग गज है। जिसमें न तो कोई खेल का ग्राउंड है और न ही कोई पेड़ पौधे हैं। इतना ही नहीं स्कूल में क्वालिफाइड अध्यापक भी नहीं है। स्कूल के अध्यापकों को तनख्वाह सीधे नकद देकर गोलमाल किया जा रहा है। कम पढ़े लिखे अध्यापक लगाकर अपनी आमदनी के चक्कर में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता महाबीर ने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट ने आरटीआई में जानकारी देते हुए बताया है कि स्कूल में खेल ग्राउंड सरकार के नियमों के मुताबिक है और स्कूल के अध्यापकों को तनख्वाह बैंक अकाउंट में दी जा रही है। लेकिन स्कूल की ओर से अध्यापकों की तनख्वाह का न तो कोई ब्यौरा दिया है और न ही उनके नाम व स्थाई पता दिया। इसकी शिकायत डीईईओ को देकर जांच की मांग की थी। जिस पर विभाग ने खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी मतलौडा को इसकी जांच सौंपी है। विभाग के आदेश पर बीईईओ मंगलवार को करने पहुंचे। लेकिन स्कूल की छूट्टी होने के कारण जांच सिरे नहीं चढ़ पाई। अधिकारी मात्र स्कूल अध्यापकों के रिकार्ड को चेक कर अपने साथ ले गए। इस बारे में स्कूल प्रबंधक गीता ने बताया कि उनके इस मिडल स्कूल में 250 विद्यार्थी है और उनके पास मिडिल तक की मान्यता भी है। इस सम्बंध में ब्लाक मौलिक शिक्षा अधिकारी सुदेश तोमर ने बताया कि गीता पब्लिक स्कूल के खिलाफ उन्हें शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है।