हरियाणा व्यापार मंडल के बैनर तले जिले के व्यापारी आयकर विभाग के सर्वे के विरोध में एकजुट हो गए हैं। सभी ने सर्वे को व्यापारियों को दबाने वाला बताया है। साथ ही मांग की कि सबसे पहले मंत्रियों और अधिकारियों के यहां आयकर सर्वे कराया जाए।
हरियाणा व्यापार मंडल की बैठक शनिवार को गोहाना रोड स्थित एलके होंडा एजेंसी में हुई।
इसकी अध्यक्षता मंडल के चेयरमैन रोशन लाल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। इसमें व्यापार मंडल के व्यापारियों ने इनकम डिक्लेरेशन स्कीम 2016 (आईडीएस) के तहत हो रहे लगातार सर्वे पर चर्चा की। मंडल ने इस संबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र भी लिखा।
चेयरमैन रोशन लाल गुप्ता ने कहा कि व्यापारी प्रधानमंत्री के बयान से डरे हुए हैं।
\काले धन को लेकर उनका बयान आया था कि हम व्यापारियों को छोड़ेंगे नहीं। इस कारण देश के करीब छह करोड़ व्यापारी सहमे हुए हैं। स्कीम राष्ट्रीय स्तर पर लागू हुई है, लेकिन आयकर विभाग सिर्फ चंद व्यापारियों पर ही नजर रख रहा है। व्यापारी ही नियमित रूप से टैक्स देते हैं, लेकिन उन्हीं व्यापारियों से ही डरा धमका कर रुपये सरेंडर करवाए जा रहे हैं।
व्यापारी त्योहारी सीजन में खौफ के वातावरण में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस अवसर पर हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश युवा अध्यक्ष राकेश चुघ, जिलाध्यक्ष ललित गोयल, जिला महामंत्री सुरेश काबरा, शहरी अध्यक्ष मोहन लाल गर्ग, जिला युवा अध्यक्ष अतुल गुप्ता, शहरी युवा अध्यक्ष संजय कालड़ा, शहरी महामंत्री राजीव अग्रवाल व विवेक कत्याल मौजूद रहे।
आईडीसी पहले संसद में बैठे नेताओं पर करो लागू
हरियाणा व्यापार मंडल की बैठक में चेयरमैन रोशन लाल गुप्ता ने कहा कि इनकम डिक्लेरेशन स्कीम 2016 को सबसे पहले संसद में बैठे एमपी, पूर्व एमपी, विधानसभा में बैठे एमएलए, पूर्व एमएलए, मंत्री, पूर्व मंत्री के साथ ही अन्य जन प्रतिनिधिओं पर लागू करना चाहिए। इनकम टैक्स का सर्वे भी इन लोगों पर पहले होना चाहिए। सरकारी और गैर सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, रिटायर्ड अधिकारी के स्थानों पर भी रेड की जाए। आयकर विभाग को इन स्थानों पर सारा काला धन मिलेगा।
हर चुनाव लड़ने वाले से लेना चाहिए हिसाब
चेयरमैन रोशन लाल गुप्ता ने कहा कि देश में आम चुनावों के दौरान करीब 20 से 30 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। वित्त मंत्री को इसका हिसाब लेना चाहिए। बेशुमार काला धन खर्च करने वाले लोग मंत्री बनने के बाद ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हैं। सभी व्यापारी को भ्रष्ट साबित करने में लगे हुए हैं। अधिकारी कर दाताओं को ही कर चोर साबित कर रहे हैं।
साल भरते हैं सात लाख करोड़ आयकर
मंडल की बैठक में प्रदेश सचिव सुरेश गुप्ता ने कहा कि देश के व्यापारी हर साल सात लाख करोड़ का आयकर भरते हैं। लगभग सात लाख करोड़ एक्साइज और कस्टम के रूप में देता है। इस से ही देश की अर्थ व्यवस्था चलती है। लेकिन, अधिकारी उनको ही डरा धमका कर करोड़ों रुपये सरेंडर करवाने को मजबूर कर रहे हैं।
काम की फाइल आगे बढ़ानी है तो करे स्पीड मनी का प्रयोग
चेयरमैन रोशन लाल गुप्ता ने कहा कि आयकर अधिनियम 1961 में लागू हुआ। हमारे नौकरशाहों और उच्च अधिकारियों ने इस धन को स्पीड मनी बना दिया है। यदि किसी को अपनी फाइल आगे बढ़ानी है तो स्पीड देनी होगी। स्पीड मनी को हटाकर असली स्पीड में लाने की दिशा में पूर्व सरकारों ने प्रयास ही किया, लेकिन सफल नहीं हो सके।
व्यापारियों का नहीं होने देंगे उत्पीड़न
आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जुलाई 2015 तक करीब 55 स्थानों पर सर्वे किया गया। इसमेें 76.72 करोड़ रुपये सरेंडर किए गए। जनवरी से जुलाई 2016 के बीच 148 स्थानों पर सर्वे किया गया। इसमें अब तक करीब 254 करोड़ रुपये की राशि सरेंडर की जा चुकी है। इस वर्ष सर्वे तीन गुना तक बढ़ा दिए हैं।
इस दौरान पूरे देश भर में 3360 करोड़ रुपये सरेंडर हो चुके हैं। अब आयकर विभाग एक ही माह में करीब दस व्यापारियों को पकड़कर डरा धमका कर पैसे सरेंडर करवा रहे हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने देंगे। अब कहीं भी किसी व्यापारी के यहां अगर सर्वे होता है तो हरियाणा व्यापार मंडल अन्य व्यापारियों को लेकर मौके पर पहुंचेगा और किसी भी व्यापारी के साथ नाजायज नहीं होने देगा।