कुटानी रोड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राकेश चुघ ने कहा कि क्षेत्र की फैक्टरियों को पर्याप्त मात्रा में बिजली देने की मांग को लेकर फैक्टरी मालिक अपनी फैक्टरियों को बंद करके 18 जून से कुटानी रोड स्थित पावर हाउस पर दो दिवसीय धरना देंगे।
धरने में इन फैक्टरियों के मजदूर भी शामिल होंगे। दो दिन के धरने के बाद सभी उद्यमी वहीं पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे और यदि फिर भी बिजली की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पावर हाउस के सामने ही फैक्टरी मालिक आमरण अनशन करेंगे।
राकेश चुघ मंगलवार को कुटानी रोड स्थित अपनी फैक्टरी में एसोसिएशन की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुटानी रोड स्थित फैक्टरियों को दिन में मात्र एकाध घंटे ही बिजली मिल रही है।
बिजली न आने से सभी फैक्टरियां बंद पड़ी हैं। इससे फैक्टरी मालिकों और उनमें कार्यरत मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। वहीं, लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है।
चुघ ने बताया कि बिजली की समस्या को लेकर सात मई को एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्यपाल, बिजली मंत्री, बिजली निगम चीफ इंजीनियर व एमडी और पानीपत उपायुक्त को पत्र लिखा था।
मगर बिजली की समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्हाेंने बताया कि कुटानी रोड पावर हाउस में टी-1 व टी-2 फीडर है। दोनों फीडरों पर बड़े ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की थी। टी-1 फीडर के लिए एक बड़ा ट्रांसफार्मर 28 मई को आ गया था मगर वह वैसा का वैसा ही पावर हाउस में रखा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर को चालू करने के लिए बिजली कर्मचारी सुविधा शुल्क की मांग कर रहे हैं। उन्हाेंने सुविधा शुल्क नहीं दिया तो वह ट्रांसफार्मर आज तक चालू नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में बिजली कर्मियों को सुविधा शुल्क मिलता है वहां पर तो बिजली दी जाती है और जहां सुविधा शुल्क नहीं मिलता, वहां बिजली नहीं दी जाती।
इस अवसर पर एसोसिएशन के उपप्रधान राममेहर जैन, सचिव सोमनाथ वधवा, कैशियर अशोक मनोचा, आदिश जैन, सुनील, सुरेश सरदाना, दीपक मित्तल, नवल जिंदल, विक्की मलिक सहित एसोसिएशन के कई अन्य सदस्य मौजूद थे।