सीएम मनोहर लाल और सांसद अश्विनी चोपड़ा लंबे समय बाद मंच पर एक साथ दिखे और मंच पर खूब गुफ्तगू भी की।
वहीं जिले के चार में से तीन विधायक समारोह में शामिल नहीं हुए। तीन विधायकों का प्रदेश स्तरीय समारोह में शामिल न होना चर्चा का विषय है।
हरियाणा विमुक्त, घुमंतू, अर्ध घुमंतू एवं टपरीवास जन-जाति कल्याण संघ की ओर से 64वां राज्य स्तरीय मुक्ति दिवस समारोह रविवार को नई अनाज मंडी पानीपत में हुआ। इसमें सांसद अश्विनी चोपड़ा को बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित थे।
सीएम मनोहर लाल और सांसद अश्विनी चोपड़ा के बीच पिछले लंबे समय से चल रही दूरियों को देखते हुए सांसद अश्विनी चोपड़ा के शामिल न होने में कयास लगाए जा रहे थे। सांसद अश्विनी चोपड़ा सीएम के साथ मंच पर पहुंचे तो सब हैरान थे।
वे मंच पर कुछ देर सीएम के साथ ही बैठे और काफी देर तक गुफ्तगू की। सांसद अश्विनी चोपड़ा मंच से करीब तीन मिनट तक बोले और इस दौरान सीएम के कार्यों की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि डीएनटी समाज के लोग और बच्चे अपनी जान पर खेलकर करतब दिखाते हैं। उनको इस तरह से करतब करते देखा होगा। लेकिन कभी भीख मांगते नहीं देखा। वे समाज के हर वर्ग के लिए 24 घंटे अपने दरवाजे खुले रखते हैं और वे कभी भी आकर अपनी समस्या रख सकते हैं।
मुख्यमंत्री के प्रदेश स्तरीय समारोह में जिले के तीन विधायक शामिल नहीं हुए। इसराना विधायक कृष्णलाल पंवार परिवहन और आवास मंत्री के नाते कार्यक्रम में शामिल हुए।
शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी, पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा और समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली का समारोह में शामिल न होना चर्चा का विषय रहा।
भाजपा का किला भेदने कर मेयर की कुर्सी पाने वाले सुरेश वर्मा प्रदेश स्तरीय समारोह में शामिल हुए। वे मंच पर ही थे। स्वागत कमेटी से लेकर मुख्यमंत्री तक ने अपने संबोधन में सबका नाम लिया। लेकिन मेयर सुरेश वर्मा का किसी ने भी नाम नहीं लिया। परिवहन और आवास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने ही मेयर सुरेश वर्मा का नाम अपने संबोधन में शामिल किया।