फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाफिजाबादी नाटक क्लब की दूसरी बार खुली सील

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। एक बार फिर से हाफिजाबादी ड्रामेटिक (नाटक) क्लब को किराये पर दी गई जमीन विवादों के घेरे में आ गई है। 17 लाख का प्रॉपर्टी टैक्स न भरने के बावजूद सील की गई इस जमीन के एक गेट को निगम ने ही खोल दिया है। बताया जाता है कि इसके एवज में निगम में महज डेढ़ लाख रुपये जमा कराए हैं। जबकि जमीन के दो गेटों में एक पर ज्यों की त्यों सील लगी है। इससे पहले जब इसकी सील जबरन तोड़ दी गई थी, तब निगम ने एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया था लेकिन इस बार निगम ने खुद ही सील खुलवा दी है।
विज्ञापन

इससे संस्था पदाधिकारियों में काफी रोष है। उन्होंने रविवार को प्रेसवार्ता आयोजित कर निगम कर्मियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी जड़े हैं। उन्होंने बताया कि किसी और के नाम से 17 लाख की बजाय केवल डेढ़ लाख रुपये जमा करवाने पर निगम ने जमीन की सील खोल दी है। इस मामले की उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। दूसरी ओर निगम का कहना है कि निगम अपनी ही जमीन से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल ही नहीं सकता। जो जमीन पर इस समय काबिज है उसने कोर्ट के माध्यम से बकाया करीब 1.53 लाख रुपये किराया भरवाकर स्टे आर्डर ले लिया है। जिसके बाद आयुक्त व उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सील को खोला गया है। दूसरी ओर संस्था पदाधिकारियों का कहना है कि निगम टैक्स ब्रांच के क्लर्क ने शुक्रवार को सील खोली है। उसे प्रत्यक्ष रूप से देखा भी गया है। जबकि हैरानी वाली बात यह है कि यहां स्थित मंदिर नहीं खोला गया जबकि लांड्री के लिए गेट पर लगाई सील खोल दी गई।
5.82 लाख टैक्स, तीन साल बाद हुआ 17.22 लाख
संस्था प्रधान अजय हुड़िया ने बताया कि उनके पास निगम द्वारा भेजा गया नोटिस है, जिसमें 2017 में 5.82 लाख रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स की डिमांड की गई थी। इसके बाद उन्होंने टैक्स नहीं भर तो निगम ने 2020 में उनके पास 17.22 लाख का टैक्स नोटिस भेज दिया। इसे भरने के समय से पहले इस जमीन को सील कर दिया गया। अंदर खड़ी गाड़ियों को निकालने के लिए सील तक तोड़ दी गई, जिस पर उनके ही एक साथी पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
विज्ञापन

कोर्ट से लिया स्टे आर्डर, किराया भरने पर खुली सील
जो इस जमीन पर लांड्री का काम कर रहा है, उन्होंने कोर्ट में इसके खिलाफ स्टे आर्डर ले लिया है। निगम ने यहां 17 लाख का नोटिस जरूर भेजा होगा, लेकिन निगम अपनी जमीन से टैक्स नहीं वसूल सकता। अब केवल 1.53 लाख के करीब भरकर जमीन से सील हटवाने के लिए कोर्ट से आर्डर आए थे। जिस पर आयुक्त समेत उच्च अधिकरियों ने सील खोलने के लिए कहा था। -धर्मबीर, टैक्स ब्रांच, नगर निगम, पानीपत।
मौके पर जाकर जांच के बाद करूंगा कार्रवाई
मामला संज्ञान में आ चुका है। अगर ऐसा है तो वाकई ये गंभीर मामला है। प्रथम दृष्टि से लगता है कि निगम कर्मचारियों ने इसमें गड़बड़ी की होगी। इसलिए सोमवार को निगम अमले समेत मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच पड़ताल की जाएगी। अगर इस प्रकरण में कोई निगम अधिकारी या कर्मचारी दोषी मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें