पानीपत। डेंगू और मलेरिया की जांच अगर आपने निजी अस्पताल से कराई है तो इसे स्वास्थ्य विभाग नहीं मानेगा। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अगर किसी को शंका है तो सरकारी अस्पताल से जांच कराएं। उनका मानना है कि निजी अस्पताल की वजह से डेंगू और मलेरिया के सीजन में बेवजह भय का माहौल बनता है, इससे लोगों को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अगर किसी निजी अस्पताल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो पुष्टि के लिए मरीज के सैंपल भेजकर सरकारी अस्पताल से जांच कराना अनिवार्य है।
स्वास्थ्य विभाग अब डेंगू और मलेरिया पर अंकुश लगाने के लिए प्लानिंग में जुट गया है। घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। अब तक टीमों 224753 घरों की जांच की है, जिनमें से 267 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। इन घरों को नोटिस जारी किया गया है। अब तक टीमों ने 2.76 लाख कंटेनर (खाली बर्तन, गमले, पुराने टायर इत्यादि), 17580 कूलर, 11580 पानी की टंकी, 38200 हौदी, 87476 रेफ्रीजरेटर ट्रे और 464 कबाड़ी की दुकानों में एंटी लार्वा अभियान चलाया है। चेकिंग के दौरान 267 स्थानों पर मादा एनाफिलीज मच्छर का लार्वा मिला है, जिसके काटने से डेंगू होता है। इन सभी घरों के मालिकों को सात दिन का नोटिस दिया गया, दोबारा चेकिंग में भी लार्वा मिला तो कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिले के 81 तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी गई हैं।
आयुष्मान के तहत फ्री इलाज :
आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी, पैनल वाले प्राइवेट अस्पतालों में मरीज हेमरेजिक डेंगू फीवर और मलेरिया का इलाज फ्री करा सकता है। वेबसाइट में हेमरेजिक डेंगू फीवर (कोड संख्या एम100050), गंभीर मलेरिया (कोड संख्या एम100051) दिया हुआ है।
मलेरिया बुखार के लक्षण
- ठंड से कंपकपी के साथ बुखार
- बुखार कम होने पर पसीना आना
- पेट में दर्द और उल्टी आना
- कमजोरी, चक्कर आना
बचाव के तरीके
- घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें
- सोते समय मच्छर दानी का उपयोग करें
- खिड़की दरवाजों में नेट लगा होना चाहिए
- शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
विभाग की टीमें डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए काम कर रही है। अब तक कोई केस नहीं मिला है। जिनके घर लार्वा मिल रहा है उनको नोटिस दे रहे हैं। निजी अस्पतालों की जांच रिपोर्ट मान्य नहीं होगी।
डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन