शहर की सरकार के तीन साल, हाउस की चार बैठक और पार्षदों द्वारा प्रस्तावित 14 मुद्दे। नगर निगम अधिकारियों का इन तीन सालों में किए गए कार्यों का नतीजा शून्य मिला। मेयर सुरेश वर्मा की बैठक पहले तो अधिकारियों ने हल्के में लिया और गिने-चुने अधिकारी ही पहुंचे। वे भी हाउस की बैठकों में पास मुद्दों की प्रगति रिपोर्ट पर टालमटोल करते नजर आए। अधिकारियों व मेयर के बीच बैठक मात्र 35 मिनट में ही खत्म हो गई। इस बीच मेयर ने अधिकारियों को कई बार हिदायत दी। अधिकारी इन सबके चलते हुंकार भरते रहकर उठ गए।
नगर निगम मेयर सुरेश वर्मा ने हाउस की बैठकों में पास मुद्दों की प्रगति रिपोर्ट लेने को लेकर मंगलवार को अपने कार्यालय में अधिकारियों की बैठक बुलाई। मेयर व निगम अधिकारियों की बैठक दोपहर बाद 3:45 बजे शुरू हुई और 4:20 बजे तक चली।
शहर के विकास पर कुछ इस तरह से चली बातचीत
मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि शहर से डेयरियों को बाहर शिफ्ट किया जाना है। निगम कई सालों से इसको लेकर प्रयासरत है और हाउस की बैठक में भी पास हो चुका है। नगर निगम द्वारा शहर की प्रमुख 38 डेयरियों को चिंहित कर नोटिस दिया गया है। बावजूद इसके अब डेयरी शहर से बाहर शिफ्ट नहीं की जा सकी हैं।
जवाब : डेयरी सील करने को लेकर पुलिस बल की मांग की गई है, लेकिन अब तक पुलिस बल नहीं मिल पाया है। जिसके चलते पूरा काम अटका हुआ है।
हाली झील व गांधी पार्क
मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार हाली झील व किला पार्क को नया रूप दिया जाना है। इसके टेंडर अब तक जारी नहीं किए जा सकें हैं। मेयर ने कहा कि अधिकारियों को सीएम की घोषणाओं को लेकर गंभीर रहना चाहिए।
जवाब : हाली झील व किला पार्क का प्रस्ताव बना दिया गया है। किला पार्क की ब्यूटीफिकेशन, टायलट, फूटपाथ, ऑफस व बाउंड्री वाल बनाई जाएगी।
परशुराम धर्मशाला रोड का नामकरण
मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि वार्ड-16 स्थित परशुराम धर्मशला के सामने रोड का नामकरण भगवान श्री परशुराम धर्मशाला रोड किया जाना है। स्थानीय निवासी व पार्षद कई बार इसकी मांग कर चुके हैं, लेकिन निगम द्वारा इस तरफ कोई काम नहीं हो रहा है।
जवाब : इस पर काम चल रहा है। जल्द ही नाम का बोर्ड लगा दिया जाएगा।
कॉलोनियों के साइन बोर्ड, अधिकारियों के बीच ही फाइल
मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि हाउस की बैठक में कॉलोनियों के साइन बोर्ड लगाने का प्रस्ताव पास किया गया था। यह शहरवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी जरूरी है। करनाल में इस तरह के बोर्ड लगाए गए हैं। पूरे शहर की कॉलोनी अलग-अलग दिखाई दे रहीं है। निगम अधिकारी बैठक में ही कॉलोनियों की रिपोर्ट न होने की बात को लेकर बैठ गए। एसई तक पूरे मामले पर टाल-मटोल करते नजर आए।
जवाब : मेयर सुरेश वर्मा ने एक्सईएन को फोन कर इस मामले की जानकारी ली तो एक्सईएन ने इस तरह की कोई फाइल न आने की बात कही।
शहर में एडवरटाइजमेंट बोर्डों के नहीं टेंडर
मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि शहर में एडवरटाइजमेंट बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इनका हर साल टेंडर जारी किया जाता था, लेकिन हाउस की बैठक में पास होने के बाद भी पिछले कई माह से टेंडर नहीं जारी किया जा रहा। इससे नगर निगम को हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
जवाब : अधिकारियों ने इस बात को निगम ईओ के पाले में डाल दिया। मेयर ने फोन कर ईओ से पूरे मामले की जानकारी ली। ईओ ने जल्द ही रेट तय कर टेंडर जारी करने का भरोसा दिया।
हर वार्ड में सौ-सौ लाइट लगाने पर चुप हुए अधिकारी
मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि निगम के हर वार्ड में सौ-सौ स्ट्रीट लाइट लगाई जानी है। हाउस की बैठक में प्रस्ताव को मंजूर किया गया है। अब तक वार्डों में स्ट्रीट लाइट नहीं लग पाई हैं। पार्षद एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। पूरा मामला एमई व एक्सईएन के बीच उलझा हुआ है।
जवाब : एसई बोले इसके टेंडर को देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। मेयर ने एसई को इस काम को करने को कहा। एसई बोले की इसमें मेरी चली तो दस दिन में स्ट्रीट लाइट लगनी शुरू कर दी जाएंगी।
वेलकम बोर्ड पर बोले काम जल्द ही होगा पूरा
मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि शहर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए हाउस की बैठक में वेलकम बोर्ड लगाने का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन अब तक बोर्ड लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। यह चिंता का विषय है।
जवाब : अधिकारी बोले इसको लेकर 37 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। इसके जल्द ही टेंडरी जारी कर दिए जाएंगे।
अधिकारी 45 मिनट देरी से पहुंचे, इस पर जाने की जल्दी रही
मेयर सुरेश वर्मा ने निगम अधिकारियों को बैठक के लिए दोपहर बाद तीन बजे का समय दिया था। मेयर तीन बजते ही निगम अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे। अधिकारी करीब 3:45 बजे पहुंचे। बैठक में ईओ व एक्सईएन नहीं पहुंचे। इसके बाद अधिकारियों ने बैठक शुरू करने की कही। एक अधिकारी ने तो बैठते ही जरूरी पारिवारिक कार्य छोड़कर आने की बात कही। अधिकारियों ने करीब 4:20 बजे तक बैठक की। उक्त अधिकारी इस दौरान कई बार अपनी घड़ी को देख चुका था। मेयर सुरेश वर्मा ने एसई तो मोबाइल सुनने पर टोक तक दिया। मेयर बोले एसई साहब के तो मेरे पास बैठते ही मोबाइल बजने शुरू हो जाते हैं।
नगर निगम के हाउस की मीटिंग में पास मुद्दों पर विभागीय कार्रवाई चल रही है। कुछ मुद्दों के जल्द ही टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। मेयर को बैठक में बाकी कामों को भी जल्द ही पूरा कराने का भरोसा दिया है।
एनडी वरिष्ठ, एसई, नगर निगम पानीपत।