मोदी सरकार के 500 और एक हजार के नोट बंद कर देने के बाद ब्लैक मनी वाले लोगों ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को 50 प्रतिशत डिस्काउंट का ऑफर देकर रुपये बदलवाने का ऑफर देना शुरू कर दिया है। यह ऑफर 20 प्रतिशत से शुरू हुआ था। अब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
एक आढ़ती ने बताया कि पानीपत से उसके जानकार का फोन आया कि 5-7 करोड़ रुपये चाहिए तो बता देना। जवाब दिया कि क्या दोग, तो उसने कहा कि कहा 30-35 प्रतिशत दे दूंगा। आढ़ती ने कहा कि रेट तो 50 प्रतिशत का चल रहा है। इस पर फोन करने वाले ने कहा कि ठीक है 50 प्रतिशत दे दूंगा।
लेकिन, बकाया 50 प्रतिशत देने के लिए गहने और प्लाट की सिक्योरिटी देनी होगी। इस बात से आढ़ती ने इंकार दिया। दूसरे केस में मतलौडा के एक दुकानदार के पास किसी परिचित का फोन आया कि दो-चार करोड़ रूपये बदलवा दे तो अच्छा डिस्काउंट दे दूंगा।
सौदा 50 प्रतिशत में तय हुआ तो फोन करने वाले ने कहा कि कुल पूंजी का 50 प्रतिशत तेरा और बाकि 50 प्रतिशत नकद देना होगा। नकद की कोई व्यवस्था न होने के कारण सौदा नहीं हो सका। एक दुकानदार के पास विशेष डिस्काउंट पर कुछ नोट बदलवाने के लिए फोन आया
तो कहा कि आजकल मोदी सरकार सख्त है। फोन टेप पर हो सकते हैं। मिलकर बात करना।
अनाजमंडी में खप रहा काला धन
कई आढ़तियों ने नाम न छापने शर्त पर बताया कि काले धन को आजकल अनाजमंडी में खपाया जा रहा है। धान के खरीदार दो नंबर में जमकर धान खरीद कर रहे है। इसका कोई रिकॉर्ड न तो मार्केट कमेटी के पास है और न ही आढ़ती के पास। इस खरीदारी में पुराने नोटों का इस्तेमाल हो रहा है।
आढ़ती भी पुरानी करेंसी को किसानों के मार्फत फसल कटाई के लिए प्रवासी मजदूरों, खाद, दवाई के दुकानदारों और मंडी के मजदूरों को दे रहे हैं। मार्केट कमेटी के सचिव हकीकत कादियान ने कहा कि पूरे प्रदेश में कहीं पर भी बोली नहीं होती। मात्र रेट लगाकर ही धान की खरीद की जाती है। मंडी में धान की खरीद ठीक चल रही है।