शहर में भाजपा में लंबे समय से बड़े नेताओं के बीच चल रही अंतरकलह खुलकर सामने आ गयी है। इस बार शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी सामने आई हैं। उन्होंने जिलाध्यक्ष व पार्टी के दूसरे नेताओं पर उनकी व उनके कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। उनके सामने आने पर भाजपा में लंबे समय से दबा गुबार फूटकर सामने आ गया। हालांकि पार्टी प्रभारी ने इन सबको माना भी, लेकिन उन्होंने नेताओं को दो फाड़ होने के सवाल पर चुप्पी साध ली।
भाजपा शहरी विधायक व जिलाध्यक्ष के बीच अंदरखाते लंबे समय से चली खींचतान वीरवार को आरक्षण आंदोलन की दृष्टता गीता कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय में शहरी व ग्रामीण कार्यकर्ताओं की बैठक में खुलकर सामने आया। पार्टी के उच्च नेतृत्व द्वारा दोनों हलकों के विधायकों की अध्यक्षता में बैठक बुलानी तय की गई थी। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी कविता चौधरी, जिलाध्यक्ष प्रमोद विज व खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन संजय भाटिया भी पहुंचे थे। बैठक में ग्रामीण विधायक शामिल नहीं हुए और शहरी विधायक बैठक में पहुंची तो उन्होंने मंच लेने से साफ इनकार कर दिया। शहरी विधायक ने बताया कि उनको बैठक का पार्टी की तरफ से कोई मैसेज नहीं आया है। वे पार्टी के एक पदाधिकारी के कहने पर कार्यकर्ता के तौर पर शामिल हुई हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं के बीच में ही बैठना बेहतर रहेगा। शहरी विधायक की इस बात को सुनकर बैठक में एक बार तो सन्नाटा पसर गया, लेकिन प्रभारी ने बीच में आकर बैठक का विषय शुरू किया। बैठक में कार्यकर्ताओं को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान अपने-अपने क्षेत्र में जनसंपर्क कर लोगों को आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा बताने के बारे में बताया गया।
कार्यकर्ताओं ने विधायक व उनके पति से साधा संपर्क
शहर के काफी संख्या में कार्यकर्ता वीरवार शाम को शहरी विधायक के सेक्टर-12 स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी व उनके पति सुरेंद्र रेवड़ी के सामने पूरा मामला रखा। भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी ने कहा कि वे कार्यकर्ताओं के साथ हैं और वे उनके दर्द को अपना मानते हैं। कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में पार्टी व संगठन की नीतियों को अनदेखा कर रहे हैं। पार्टी उम्मीदवार पानीपत शहर में पिछले 35 सालों से लगातार हारते आ रहे थे, लेकिन रोहिता रेवड़ी ने शहर में बहुत कम समय में जनसंपर्क कर पार्टी को रिकार्ड मतों से जीत दिलवाई। अब उनकी अनदेखी सहन नहीं की जाएगी।
मुझे बैठक को लेकर कोई न्यौता नहीं मिला था। प्रभारी वेदपाल ने कार्यकर्ताओं की मीटिंग की बात कही थी और मैं एक कार्यकर्ता के नाते बैठक में शामिल हुई। मुझे मंच पर आमंत्रित किया गया था, लेकिन मैं कार्यकर्ता के नाते बाकी कार्यकर्ताओं के बीच में ही बैठी। मेरे कार्यकर्ताओं की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। ऐसे में मैं खुद से पहले अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान चाहती हूं।
रोहिता रेवड़ी, शहरी विधायक पानीपत।
पानीपत व ग्रामीण कार्यकर्ताओं की पार्टी कार्यालय में बैठक बुलाई गई थी। ग्रामीण विधायक यूपी चुनाव में व्यस्त होने के चलते शामिल नहीं हो सके। शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी बैठक में शामिल हुई थी। सब लोग एक कार्यकर्ता के नाते शामिल हुए थे। मुझे किसी तरह की नाराजगी नहीं लगी। उनमें या उनके कार्यकर्ताओं में कुछ नाराजगी है तो बात कर हल निकाला जाएगा।
कविता चौधरी, जिला प्रभारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा।