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काला दिवस को लेकर प्रशासन, पुलिस अलर्ट, मोबाइल इंटरनेट सेवा देर रात बंद

Sat, 25 Feb 2017 11:52 PM IST
पानीपत अमर उजाला ब्यूरो
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जवान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान काला दिवस के आह्वान पर प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गया है। प्रशासन ने देर रात मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के साथ ही संदिग्ध स्थानों की चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस रोहतक और उग्रा खेड़ी जाने वाले रास्तों पर भी नजर रख रही है।
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रोडवेज अधिकारियों ने रोहतक और शामली के रूट को डायवर्ट करने का फैसला लिया है। इन सबके बीच समिति ने काला दिवस के लिए 15 हजार काली पट्टी मंगवाई हैं। इनमें से करीब सात हजार काली पट्टियां बांट दी गई हैं। उग्रा खेड़ी के धरने में पुरुष काले कपड़े, काली पगड़ी और महिलाएं काली चुनरी ओढ़कर पहुंचेंगी।

जिला प्रशासन ने मधुबन के 200 जवानों को सीआरपीएफ और आरएएफ के साथ सनौली-हरिद्वार रोड पर तैनात किया है। प्रमुख स्थानों पर नाकाबंदी की गई है। डीआईजी ट्रैफिक सिवास कविराज ने नेशनल हाईवे की निगरानी शुरू कर दी है।  डीसी और एसपी ने संघर्ष समिति के सदस्यों व जाट समाज से धरने को शांतिपूर्वक रखने की अपील की है।
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उग्रा खेड़ी के स्टेडियम में चल रहा धरना शनिवार को 28वें दिन भी शांतिपूर्ण चला। इस धरने में संघर्ष समिति ने काला दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। रविवार को मनाए जाने वाले काला दिवस पर बलिदान दिवस से ज्यादा भीड़ आने की आशा संघर्ष समिति के सदस्य जता रहे हैं।

उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे और पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने शनिवार को दोपहर एक बजे के करीब प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें सभी की ड्यूटियां काला दिवस को लेकर लगाई गईं। डीसी और एसपी दोपहर बाद उग्रा खेड़ी के धरनास्थल के बाहर पहुंचे।

वहां संघर्ष समिति के सदस्यों और उग्रा खेड़ी के ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। 

कांग्रेसी नेता ने देरी से आने पर मांगी माफी 
शनिवार को धरने में पहुंचे कांग्रेसी नेता महेंद्र कादियान ने बुजुर्गों देरी से समर्थन देने के लिए माफी मांगी। साथ ही अपनी तरफ से 51 हजार रुपये का चंदा समिति को दिया। महेंद्र कादियान ने कहा कि जाट समाज को 36 बिरादरी ने समर्थन दिया है।

वह भी काला दिवस पर गांव सिवाह से ग्रामीणों को लेकर स्टेडियम में पहुंचकर धरने में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सात मांगों को लेकर लड़ाई लड़ रहे जाट समाज की मांगों को सरकार द्वारा मान लेना चाहिए। बुआना लाखू के ठेकेदार नरेंद्र मलिक ने 11 हजार रुपये का चंदा देकर धरने को संबोधित किया।

संघर्ष समिति के जिला प्रधान सतबीर सिंह देशवाल, रणधीर नैन भालसी, मास्टर मामन ने शनिवार देर शाम काला दिवस को लेकर विभिन्न गांवों में प्रचार किया।

इम्तिहान ले रही है सरकार
संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि सरकार मांगों को मान लेने के बजाय टाइम पास कर रही है। सरकार को हरियाणा के हालात के बारे में जानकारी है। इसके बाद भी वह जाट समाज की अनदेखी कर रही है। जाटों के धरने को सरकार लंबा खींचना चाहती है।

सरकार को सभी मांगों को जल्द मान लेना चाहिए, नहीं तो उनका धरना लंबे समय तक शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहे।

नौ गांवों पर पुलिस की विशेष निगाह
काला दिवस को लेकर शहर समेत जिले के चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सुरक्षाकर्मियों की नजर रहेगी। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील और अति संवेदनशील करीब नौ गांवों पर विशेष नजर रखने का फैसला लिया है। सिवाह गांव में जीटी रोड पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ फोर्स लगा दी है।

सनौली-हरिद्वार रोड पर संजय चौक से लेकर सिवाह तक व्यापक प्रबंध किए हैं। यहां पर हर चौक पर डीएसपी और इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी लगाया है। 

रोहतक, शामली और हरिद्वार के बस रूट डायवर्ट 
रोडवेज अधिकारियों ने काला दिवस को लेकर रोहतक, शामली और हरिद्वार रूट को डायवर्ट कर दिया है। अधिकारी रोहतक कम ही बस भेजेंगे। शामली और हरिद्वार जाने वाली बसों को करनाल वाया मेरठ डायवर्ट किया है। महाप्रबंधक एमएस खर्ब ने बताया कि रोडवेज अधिकारी रविवार सुबह बसों पर नजर रखेंगे। 


प्रशासन व पुलिस ने समिति के काला दिवस को लेकर सुरक्षा व व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध कर दिए गए हैं। धरनारत लोगों से भी शांति स्थापित करने की अपील की गई है। जिलेवासियों को भी कानून व व्यवस्था बनाए रखना चाहिए। रविवार को पानीपत में आने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जिले में जरूरत अनुसार मोबाइल नेटवर्क को देर रात को बंद कर दिया जाएगा। 
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डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।  
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