सनौली। खंड के पांच गांवों की पंचायत ने गढ़ी बेसक के पैक्स कार्यालय पर ताला जड़ दिया और प्रबंधक और सेल्समैन से गबन की राशि वसूलने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों को निलंबित करना ही पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि गबन के आरोपियाें को से राशि वसूल कर किसानाें को वापस की जाए। वीरवार को राणा माजरा, नवादा पार, पत्थरगढ, जलालपुर-द्वितीय और गढ़ी बेसक के सरपंचों ने वीरवार को पैक्स कार्यालय पर ग्रामीणों के साथ ताला जड़ दिया।
लोगों ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों का निलंबन कर दिया है। यह सोसाइटी की प्रक्रिया है। लेकिन उनसे पैसों की वसूली करने की तरफ ध्यान कोई नहीं दे रहा। वे दोनों से पैसों की वसूली चाहते हैं।
ग्रामीणाें के अनुसार केंद्रीय सहकारी समिति गढ़ी बेसक में कार्यरत प्रबंधक वेद सिंह और सेल्समैन गयूर ने मिलकर किसानों की लाखाें रुपये हड़प लिए। ग्रामीणों का आरोप है कि सेल्समैन गांव से पैसे की रिकवरी कर लेता था।
लेकिन रिकार्ड में दर्ज नहीं करता था। इसमें प्रबंधक वेद सिंह भी शामिल होता था। पैक्स में पिछले पांच-छह सालों से यह काम चल रहा है और वे भारी राशि डकार गए। प्रशासन की प्राथमिक जांच में यह हेराफेरी लाखों रुपये में पकड़ी गई है।
प्रथम चरण की जांच में करीब पचास लाख रुपये की हेराफेरी सामने आने पर दोनों को निलंबित कर दिया था। इस मौके पर नवादा पार के सरपंच अमजद मजीदी, राणा माजरा के सरपंच खुर्शीद अहमद, जलालपुर-द्वितीय के सरपंच असजद और गढ़ी बेसक के सरपंच लीला हसन मौजूद रहे।