संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। शाहपुर स्थित कृष्ण कुंडू इंटरनेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी के खिलाड़ी हिमांशु अपनी मेहनत और लगन के दम पर कुश्ती में लगातार पहचान बना रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद वह खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए उभरते पहलवान के रूप में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। हाल ही में आयोजित स्कूली जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
मूल रूप से जींद जिले के भागखेड़ा गांव निवासी 13 वर्षीय हिमांशु का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। कम उम्र में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया। उनके पिता कुलदीप और माता रीतू का निधन हो चुका है। माता-पिता के निधन के बाद उनकी परवरिश की जिम्मेदारी उनकी बुआ और फूफा समुंदर ने संभाली।
हिमांशु को बचपन से ही खेलों में विशेष रुचि थी। उनकी लगन और प्रतिभा को देखते हुए बुआ-फूफा ने उन्हें शाहपुर स्थित कृष्ण कुंडू इंटरनेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी में दाखिला दिलाया। यहां वह कोच कृष्ण कुंडू और प्रदीप के मार्गदर्शन में नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह सुबह-शाम कड़ी मेहनत के साथ अभ्यास करते हैं और पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देते हैं।
कोच कृष्ण कुंडू और प्रदीप का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों से निकलकर आगे बढ़ने का जो जज्बा हिमांशु में दिखाई देता है, वही उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है। उनका मानना है कि यदि हिमांशु इसी समर्पण और अनुशासन के साथ मेहनत करते रहे तो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
हिमांशु का सपना कुश्ती में देश के लिए पदक जीतकर भारत का नाम रोशन करना है। वह बताते हैं कि उनकी बुआ और फूफा उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित और सहयोग करते हैं। वहीं, कोचों के मार्गदर्शन और अपनी निरंतर मेहनत के बल पर वह कुश्ती में लगातार आगे बढ़ रहे हैं और सफलता की नई इबारत लिखने की तैयारी कर रहे हैं