पानीपत। औद्योगिक शहर पानीपत में 37 हजार से अधिक फैक्टरियां हैं। इनमें से ज्यादातर फैक्टरियां गली-मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं, जहां हर समय आग लगने का खतरा बना रहता है। पूरे जिले में मात्र एक फीसदी फैक्टरियों के पास ही फायर एनओसी हैं। ज्यादातर फैक्टरियों में आग बुझाने के उपकरण नहीं हैं, इसके बावजूद भी आज तक किसी फैक्टरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पानीपत की पहचान बड़े औद्योगिक जिले के रूप में है। यहां 37 हजार फैक्टरियों में से करीब 20 हजार फैक्टरियां शहरी क्षेत्र में हैं। शहरों में ज्यादातर छोटी-छोटी फैक्टरी हैं। फैक्टरियों में ही गोदाम भी बनाए गए हैं। खास बात यह है कि इन फैक्टरियों के पास न तो आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही दमकल विभाग की एनओसी है। दमकल विभाग के अधिकारी गुरमेल सिंह का कहना है कि 300 के आसपास एनओसी ही शहरी क्षेत्रों में दी गई हैं। बाकी फैक्टरी बिना एनओसी के ही चल रही हैं। इन फैक्टरियों में ज्यादातर का कोई लाइसेंस नहीं है, इसके बावजूद भी जिम्मेदार विभागों ने कभी इन फैक्टरियों की न तो जांच की और न ही कोई नोटिस आज तक जारी किया गया, जिससे जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इन क्षेत्रों में सबसे अधिक फैक्टरी
पानीपत शहर में ज्यादातर फैक्टरी काबड़ी रोड, वार्ड-11, बरसत रोड, नूरवाला, शिवनगर, जाटल रोड, कृष्णपुरा, पुराना चांदनीबाग, बबैल रोड, भारत नगर में हैं। जहां पर छोटी-छोटी फैक्टरियों में कच्चा माल तैयार होता है।
सात दिन में हुई पांच घटनाएं
पानीपत जिले में सात दिन में पांच फैक्टरियों में आग लग चुकी है। 15 अप्रैल को को सेक्टर-25 में हैंडीक्राॅफ्ट फैक्टरी में आग लगी थी जिसमें काफी नुकसान हुआ था। इसके दो दिन बाद ही सेक्टर-29 में भी एक फैक्टरी में आग लगने से पूरी फैक्टरी चल गई थी। सोमवार को पसीना खुर्द गांव में एक फैक्टरी में आग लगी थी। वहीं, मंगलवार को थर्मल के पास दो फैक्टरियां आग की चपेट में आने से पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं। दोनों फैक्टरियों की आग काबू करने के लिए 15 घंटे से ज्यादा का समय लगा।
फैक्टरियों की एनओसी के लिए आवेदक को मानक पूरे करने होते हैं। आबादी क्षेत्रों की फैक्टरियों में मानक ही पूरे नहीं हैं। जिस कारण एनओसी के लिए आवेदन ही नहीं होते। जिले में जिस कारण ज्यादातर लोग एनओसी नहीं लेते। जिले में लगभग 350 फैक्टरियों में पास एनओसी है।
-गुरमेल सिंह, जिला अग्निशमन अधिकारी।
फैक्टरी में लगी आग का फाइल फोटो। आर्काइव