संवाद न्यूज एजेंसीइसराना। पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे स्थित गांव नौल्था में प्रस्तावित ओवरब्रिज को लेकर ग्रामीणों और दुकानदारों का विरोध तेज हो गया है। हाईवे पर मिट्टी भराव वाले सामान्य पुल के निर्माण के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीणों और व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा और उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि एनएचएआई की ओर से बनाए जा रहे मिट्टी वाले पुल से गांव का मुख्य रास्ता बंद हो जाएगा। इससे हाईवे किनारे स्थित सैकड़ों दुकानदारों का कारोबार प्रभावित होगा। साथ ही किसानों और आम राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ेगी। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय लोगों की सहमति और आपत्तियों पर विचार किए बिना ही निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
बाबा सोमवार नाथ, धर्मबीर जागलान, लाल सिंह, विजय धीमान, समुंदर जागलान, मनोज जगलान, लालसिंह लाला और सिलक राम जागलान ने कहा कि क्षेत्र के हितों को देखते हुए सामान्य पुल की जगह पिलर आधारित पुल बनाया जाना चाहिए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जनहित की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों से बातचीत कर प्रस्ताव में बदलाव करते हुए पिलर आधारित पुल बनाने के निर्देश दिए। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक मौके पर पिलर वाले पुल का निर्माण शुरू नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
इससे पहले नौल्था में ग्रामीणों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई। संघर्ष समिति के प्रधान राजकुमार पांचाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर हाईवे निर्माण कार्य रुकवाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होने की बात कही। इस अवसर पर मनोज नौल्था, खिलार सिंह जागलान, शमशेर सिंह, पूर्व सरपंच अजमेर सिंह, जितेंद्र जागलान, राजकुमार जागलान और राजा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।