फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: बूंदाबांदी से बिजली कटौती में आई कमी

Tue, 21 Jul 2026 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। मौसम में बदलाव और हल्की बारिश के असर से जिले में बिजली व्यवस्था को सोमवार को बड़ी राहत मिली। शनिवार को रिकॉर्ड 179.78 लाख यूनिट तक पहुंची बिजली खपत रविवार को घटकर 168.46 लाख यूनिट रह गई।
विज्ञापन

इसके साथ ही बिजली कटौती और उपभोक्ता शिकायतों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। हालांकि कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जिससे निगम पर दबाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है।
बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई को जिले की कुल बिजली खपत 137.59 लाख यूनिट थी, जो 18 जुलाई को बढ़कर 179.78 लाख यूनिट पहुंच गई थी। यानी आठ दिनों में कुल बिजली मांग में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
विज्ञापन

रविवार को मौसम में बदलाव के बाद कुल खपत घट गई, लेकिन कृषि क्षेत्र की बिजली खपत 39.12 लाख यूनिट से बढ़कर 39.95 लाख यूनिट हो गई। 10 जुलाई के मुकाबले कृषि क्षेत्र की बिजली खपत में करीब 65.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो धान की सिंचाई के लिए बढ़ती बिजली जरूरत को दर्शाती है।
रिकॉर्ड बिजली मांग के कारण पिछले दो दिनों में शहर में 30 से 45 मिनट और गांवों में एक से दो घंटे तक बिजली कट लगाए गए थे। बीबीएमबी की बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्थिति और बिगड़ गई थी। हालांकि सोमवार को मौसम बदलने के बाद रविवार को जहां करीब 1450 शिकायतें दर्ज हुई थीं, वहीं सोमवार को यह संख्या घटकर करीब 650 रह गई। इसी तरह रविवार को 600 से अधिक बिजली कट लगाए गए थे, जबकि सोमवार को अब तक करीब 145 कट ही लगाने पड़े।
बूंदाबांदी से तापमान और उमस हुई कम
पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से सोमवार को जिले में हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली जबकि ये बूंदाबांदी किसानों को राहत देने वाली नहीं रही अभी किसानों को तेज बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग ने आगामी कई दिन बारिश के आसार जताए हैं। जिले में सोमवार को सुबह ही बादल गहरा ने साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे अधिकतम तापमान कम होकर 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार 11 किलोमीटर प्रति घंटा रही। यह बूंदाबांदी किसानों को संतोष करने वाली नहीं रही। किसानों को तेज बारिश का इंतजार है ताकि उन्हें धान की फसल में सिंचाई न करनी पड़े। संवाद

धान की सिंचाई के चलते कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग अभी भी अधिक बनी हुई है। निगम की प्राथमिकता सभी उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देना है और लोड प्रबंधन के माध्यम से निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन

-आदित्य कुंडू, कार्यकारी अभियंता, सब-अर्बन डिवीजन, पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें