दवा के लिए फर्श पर बैठकर इंतजार करते मरीज। संवाद
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को नेत्र रोग विशेषज्ञ न मिलन से करीब 150 मरीजों को बिना इलाज व दवा के लौटना पड़ा। वहीं चर्म रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ के ओपीडी समय से डेढ़ घंटे पहले ही ओटी में जाने से करीब 100 मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। चिकित्सकों का न मिलना मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है।
शनिवार को ओपीडी करीब 1350 रही। इसमें 900 पुराने और 450 नए मरीज रहे। ज्यादातर मरीज नाक, कान, गले में दर्द, काला पीलिया, बुखार के पहुंच रहे हैं। दोपहर दो बजे तक भी फिजिशियन और ईएनटी विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। लेकिन अस्पताल में पंजीकरण और दवा लेने के लिए मरीजों को एक-एक घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा है जिससे उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है।
शनिवार को अस्पताल में एक नेत्ररोग विशेषज्ञ के अवकाश और दूसरे चिकित्सक की बाहर ड्यूटी होने से मरीजों करीब 150 मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। वहीं चर्म रोग विशेषज्ञ सप्ताह में तीन दिन ही अस्पताल में बैठते हैं ऐसे में उनकी एक दिन की ओपीडी करीब 200 रहती है लेकिन शनिवार को ओपीडी से करीब डेढ़ घंटा पहले ही ओटी में जाने से मरीज यहां-वहां भटकते नजर आए। े
सिवाह गांव के राममेहर ने बताया कि आंखों में जलन व दर्द होने के कारण वह सुबह करीब साढ़े नौ बजे अस्पताल पहुंचा। पंजीकरण कराने के लिए उन्हें एक घंटा लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद चिकित्सक कक्ष के बाहर जाने से पता चला कि चिकित्सक अभी ओपीडी में नहीं बैठे हैं। वहां कर्मचारियों ने बताया कि चिकित्सक थोड़ी देर में आ जाएंगी, आप इंतजार कर ले। दोपहर 12:30 बजे तक बैठा लेकिन इलाज नहीं मिला। उन्हें बिना इलाज व दवा के ही लौटना पड़ा। अब सोमवार को फिर से अस्पताल के चक्कर काटने पड़ेंगे।
एक चिकित्सक के अवकाश पर जाने के बाद दूसरे चिकित्सक अस्पताल में मौजूद थे। अचानक किसी जांच के लिए उन्हें जाना पड़ा इसलिए मरीजों को थोड़ी परेशानी हुई। फिर कभी मरीजों को परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाएगा। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
दवा के लिए फर्श पर बैठकर इंतजार करते मरीज। संवाद