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Panipat News: स्कूल संचालकों और विक्रेताओं का खुला खेल, किताबों की दुकान तय

Thu, 26 Mar 2026 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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दुकान से किताब लेते अ​भिभावक। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। निजी स्कूलों में किताबों को लेकर चल रही मनमानी पर अभियान के दूसरे दिन एक और गंभीर पहलू सामने आया है। जिले के कई स्कूल संचालकों ने अपनी-अपनी किताबों की दुकानें तय कर रखी हैं, जहां से ही अभिभावकों को बच्चों का पूरा पाठ्यक्रम व काॅपियों का सेट खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
अभिभावकों का कहना है कि इन दुकानों के अलावा कहीं और से किताबें उपलब्ध ही नहीं होतीं, क्योंकि स्कूल विशेष प्रकाशकों की किताबें सूची में शामिल करते हैं। नतीजतन, दुकानदार मनमाने दाम वसूलते हैं और अभिभावकों के पास कोई विकल्प नहीं बचता।
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कई मामलों में देखा गया है कि एक ही कक्षा की किताबेंअलग-अलग दुकानों पर उपलब्ध नहीं होतीं, जिससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाती है और कीमतें 10 से 20 गुना तक बढ़ जाती हैं। अभिभावकों का आरोप है कि यह पूरा सिस्टम स्कूल प्रबंधन और दुकानदारों की मिलीभगत से चल रहा है।
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शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था शिक्षा के अधिकार और पारदर्शिता के सिद्धांतों के खिलाफ है। यदि एनसीईआरटी जैसी सस्ती और मानक पुस्तकें उपलब्ध हैं, तो निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपना अनुचित है।
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