संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। कोरोना के बाद लोगों का आयुर्वेद के तरफ रुझान बढ़ा है। जिससे जिला नागरिक अस्पताल के आयुष विभाग में प्रतिदिन की ओपीडी लगभग 80 तक पहुंचने लगी हैं। कोरोना में जहां अंग्रेजी दवाओं का असर बंद हुआ वहीं लोगों को आयुर्वेद काम आया। तब से लोगों का आयुर्वेद पर विश्वास बढ़ा। आयुर्वेद भगवान धनवंतरि की देन है। प्रत्येक साल धनवंतरि पर आयुर्वेद दिवस भी मनाया जाता था लेकिन अब सरकार ने द्वारा 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाने लगा है।
जिले आयुष विभाग में 18 चिकित्सक हैं। जो जिला नागरिक अस्पताल के साथ गांवों में बने स्वास्थ्य केंद्रों पर भी जाकर लोगों को आयुर्वेद का महत्व बताते हैं और उनका आयुर्वेद से इलाज करते हैं। जिला आयुष विभाग के कार्यक्रम प्रबंधक महिपाल बंसल ने बताया कि कोरोना में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में जहां अंग्रेजी दवाओं ने असर करना बंद कर दिया था वहां आयुर्वेद लोगों के लिए वरदान साबित हुआ था। जिससे लोगों का विश्वास आयुर्वेद पर बढ़ा। जिला नागरिक अस्पताल के आयुष विभाग में दो चिकित्सक हैं एक पंचाक्रम विशेषज्ञ डॉ. दीक्षा गुप्ता और दूसरी एमडी डॉ. मधु। अब आयुर्वेद में विशेषज्ञ और समय पर दवा मिलने से प्रतिदिन की ओपीडी 80 के करीब रहने लगी है। सेंटर से दवा समय पर पहुंच रही है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है।
आयुर्वेद इलाज के साथ लोगों को योग के प्रति किया जाता है जागरूक-
प्रबंधक महिपाल बंसल ने बताया कि आयुष विभाग में प्रत्येक रोग का इलाज औषधि से पहले योग के माध्यम से किया जाता है। व्यायामशाला में लोगों को सरवाइकल, जोड़ों के दर्द के लिए योगाभ्यास करवा जाता है। योग से आराम न मिलने पर ही आयुर्वेदिक औषधि दी जाती है।
अब एक बार फिर से लोग आयुर्वेदिक औषधि को महत्व देने लगे हैं जिसका पता आयुष विभाग की प्रतिदिन की ओपीडी से लगाया जा सकता है। कोरोना के बाद आयुर्वेद की मांग बढ़ी है। लोग आधुनिक सुविधा होने से अब पहले की अपेक्षा आयुर्वेद पर ज्यादा भरोसा करने लगे हैं।
डॉ. अल्का अहलावत, प्रभारी, जिला आयुष विभाग।