पानीपत। आबकारी विभाग की कर हितैषी एप लोगों और उद्यमियों की जागरूकता के अभाव में सार्थक सिद्ध नहीं हो पाई। एप पर दो महीने में मात्र दो ही शिकायत दर्ज की जा सकी हैं। आबकारी विभाग अब इसके लिए जागरूकता लेकर आएगा। इसके लिए व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों के बीच जाएंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिसंबर में कर हितैषी एप का लांच की थी। इसका उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी और डिजिटल बनाना है। एप के माध्यम से जीएसटी व अन्य कर संबंधी शिकायतें सीधे विभाग तक भेजी जा सकती हैं। इनकी ऑनलाइन माॅनिटरिंग भी की जा सकती है। विभागीय अधिकारी इस पर लगातार का भी कर रहे हैं।
दो माह में केवल दो शिकायतें : पानीपत में योजना शुरू होने के दो महीने बाद केवल दो शिकायत दर्ज की जा सकी हैं। इनमें एक शिकायत में साड़ी की दुकान से बिल न मिलने व दूसरी में दुकानदार के पास पंजीकरण नंबर न होने की शिकायत हैं। विभाग की टीम दोनों शिकायतों की जांच कर रही हैं। वहीं दो शिकायत ही पहुंच पाना विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उप आबकारी कराधान आयुक्त गौरव चहल ने बताया कि इस एप को गूगल प्ले स्टोर या विभाग की अधिकारिक वेबसाइट से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। संवाद