संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में फार्मासिस्ट के 10 पद हैं। इनमें केवल चार ही फार्मासिस्ट कार्यरत हैं जिससे मरीजों को दवा लेने में परेशानी होती है। वहीं उपमंडल समालखा, पीएचसी व सीएचसी पर भी यही हाल है।
स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट का अलग योगदान है। वीरवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस है। युवाओं का फार्मेसी में रुझान बढ़ रहा है लेकिन जिले में एक भी फार्मेसी संस्थान न होने से युवाओं को बाहर दूसरे शहरों में इसकी शिक्षा पूरी करनी पड़ रही है जिससे कुछ युवा तो अपनी राह को बीच में ही बदल रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में 10 में से केवल चार पदों पर मोनू, मीनाक्षी, नेहा और विनोद कार्यरत हैं जिससे इनका कार्यभार बढ़ा रहता है। अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्ट जरूरी हैं क्योंकि उनका काम मरीजों तक दवा पहुंचाना और उसके सही उपयोग के बारे में सलाह देना है। इसमें डॉक्टर के पर्चे के अनुसार दवा तैयार करना, दवा की खुराक, उपयोग, दुष्प्रभावों और अन्य दवा के साथ होने वाली संभावित अंतर क्रियाओं के बारे में जागरूक करना है। फार्मासिस्ट मरीजों को टीके लगाने, स्वास्थ्य जांच करवाने और दवा प्रबंधन जैसी सेवाएं भी प्रदान करते हैं लेकिन फार्मासिस्ट की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है उन्हें दवा लेने में ही ज्यादा समझ लग रहा है और दवा किस प्रकार लेनी है इसे समझने के लिए दोबारा चिकित्सक से संपर्क करना पड़ रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में चार फार्मासिस्ट हैं। मरीजों को अस्पताल में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। उपमंडल और सीएचसी-पीएचसी पर भी आवश्यकतानुसार फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई जा रही है।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ पानीपत