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Panipat News: मनाना रेलवे फाटक 44 पर ओवरब्रिज और अंडरपास के लिए मांगा एक साल

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समालखा। दिल्ली-अंबाला रेल लाइन पर समालखा के पास फाटक नंबर 44 पर बनाए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास के लिए एक साल का और समय मांग लिया है। अभी ओवरब्रिज का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत हो पाया है। अंडरपास का काम तो अभी तक चालू भी नहीं हो पाया है। गांवों का संपर्क टूटने पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
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दिल्ली-अंबाला रेल लाइन पर समालखा के मनाना सहित करीब एक दर्जन गांवों को नेशनल हाईवे 44 से जोड़ने वाला फाटक नंबर 44 पर ओवरब्रिज और अंडरपास बनाने का काम 2020 में शुरू हुआ था। लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रोजेक्ट पर चार साल बाद भी 30 प्रतिशत निर्माण बकाया है। पीडब्ल्यूडी एसडीओ शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक इस आरओबी और लेवल क्राॅसिंग ब्रिज बनाने में 10 स्लैब पीडब्ल्यूडी विभाग और तीन स्लैब रेलवे द्वारा डाले जाएंगे। जिसमें से सिर्फ एक स्लैब उनकी और से, एक स्लैब रेलवे का बाकी है। फिलहाल सर्विस रोड और पैनल डालने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आरई वॉल का काम दीवाना गांव के पास किया जा रहा है। उसके बाद मनाना फाटक पर आर ई वाल बनाने का काम चलेगा। यह प्रोजेक्ट अक्टूबर 2022 में पूरा होना था, लेकिन स्थानीय किसानों ने अपनी जमीन के मुआवजे को लेकर इसमें अड़चन डाल दी। जिस कारण विभाग को प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एक साल का समय दिया गया था। दिए गए समय के अनुसार अब यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2023 में पूरा होना चाहिए था।
विधायक ने विस में उठाया मामला
समालखा के कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छौक्कर ने वीरवार को विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मनाना और नारायणा फाटक के मामला उठाया। जिस पर पीडब्ल्यूडी मंत्री व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने फाटक 44 के अंडरपास को मई तक पूरा करने तथा नारायणा फाटक पर मई में काम शुरू करने का भरोसा दिलाया था। विभाग द्वारा इस प्रोजेक्ट के लिए हाल ही में सरकार को आवेदन भेज कर एक साल का ओर समय मांगा है। जिसकी अभी तक विभाग को अनुमति नहीं मिली है।
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ग्रामीणों ने अंडरपास शुरू कराने की मांग

दूसरी ओर रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे गांव वालों में रोष व्याप्त है। ग्रामीण कुलदीप, कृष्ण राठी, इस्लाम, सुभाष, नरेश, प्रवीण, नवाब ने विभाग के अधिकारियों से अंडरपास शीध्र खुलवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अंडरपास को खुलवाने को ग्रामीण जिला उपायुक्त से मिलेंगे।
वर्जन :

इस पर पीडब्ल्यूडी एसडीओ भाटिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में देरी का कारण यहां का जमीनी विवाद है। जमीनी विवाद का यह मामला अब सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। सरकार अगर समय रहते इस मामले का समाधान कर दें तो अप्रैल तक प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
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