पानीपत। जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही के मुख्य गेट का पेंट करते समय मंगलवार सायं तीन बजे के करीब हाई वोल्टेज का करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। दोनों श्रमिक सीढ़ी लगाने के लिए लोहे की कुंडी का प्रयोग कर रहे थे। कुंडी ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज के तारों में डल गई।
दोनों धड़ाम के साथ नीचे गिर गए। इसी गुरुद्वारा में 12 जून 2017 को बड़ा हादसा हुआ था। गुरुद्वारा के भूतल में पिलर बनाते समय गुरुद्वारा धंस गया था, इसमें उस समय पांच लोगों की मौत हो गई थी, इसके बाद गुरुद्वारा का निर्माण कार्य लगातार चल रहा था। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रवि ने गुरुद्वारा में पेंट का ठेका ले रखा था। रवि के भाई रमाकांत और उसके साथी आजमढ़ के विष्णु (21) मंगलवार को पेंट का काम कर रहे थे। वे दोपहर बाद करीब तीन बजे मुख्य गेट के ऊपर पेंट कर रहे थे। उन्होंने सीढ़ी के लिए कुंडी ऊपर फेंकी तो यह इसके ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज तारों में फंस गई। कुंडी के लगते ही रमाकांत और विष्णु नीचे गिर गए। राहगीर इनको रिक्शा में जिला नागरिक अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने विष्णु को मृत घोषित कर दिया। गुरुद्वारा प्रबंधन के पदाधिकारी, कांग्रेस के शहरी अध्यक्ष बलजीत सिंह और ठेकेदार रवि कुमार जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे। थाना शहर पुलिस सूचना मिलते ही गुरुद्वारा पहुंची।
बिजलीकर्मी ने हटाई कुंडी : हाई वोल्टेज तारों से कुंडी से तार नीचे लटक रही थी। बाजार से आने वाले लोगों में डर बना हुआ था। स्थानीय लोगों ने बिजली निगम को इसकी सूचना दी। बिजलीकर्मियों ने आकर कुंडी को हटाया, इसके बाद लोगों का निकलना आसान हुआ।
गुरुद्वारा के पुन: निर्माण का चल रहा है काम : गुरुद्वारा पहली पातशाही 12 जून 2017 को धंस गया था, इसमें काम करने वाले मजदूर, एक सेवादार और एक पाठी मलबे के नीचे दब गए थे।
इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। एनडीआरएफ की टीम ने आकर बचाव कार्य किया था। गुरुद्वारा भवन का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा था।
विष्णु फाइलफोटो।
विष्णु फाइलफोटो।