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Panipat News: बीसी-बी वर्ग के एक से दो वार्ड होंगे आरक्षित, मांगा डाटा

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पानीपत। शहर की नई वार्डबंदी का संशोधित ड्रॉफ्ट पूरी तरह से तैयार हो चुका है। इस पर मंत्री एवं ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा और शहरी विधायक प्रमोद विज ने अपनी रजामंदी दे दी है। इस पर वीरवार को फाइनल होने की मुहर लग जाएगी।
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नगर निगम ने एडीसी ऑफिस से परिवार पहचान पत्र के आधार पर बीसी-बी वर्ग का डाटा मांगा है। जबकि बीसी-ए वर्ग के वार्ड बनाए जाना पहले से निश्चित था। गौरतलब है िक संशोधित ड्रॉफ्ट में वार्डों की सीमाओं में काफी संशोधन किया गया है। अब शहर के वार्ड तो 28 ही रहेंगे लेकिन छह से सात वार्डों की सीमाओं का विलय होगा। बाकी बचे हुए वार्ड शहरी और ग्रामीण विधानसभा के एरिया में बांट दिया है। इनमें शहरी विधानसभा में करीब 12 वार्ड जबकि ग्रामीण विधानसभा में करीब 10 वार्ड पूर्ण रूप से आएंगे। बाकी बचे वार्डों का दोनों विधानसभाओं में विलय होगा।
सबसे खास बात ये है कि पहली बार बीसी-बी वर्ग को भी नई वार्डबंदी में वार्डों का आरक्षण मिलने जा रहा है। इसके लिए तैयारी हो चुकी है। नगर निगम ने एडीसी ऑफिस से परिवार पहचान पत्र के आधार पर बीसी-बी वर्ग का डाटा मांगा है। जबकि बीसी-ए वर्ग के वार्ड बनाए जाना पहले से निश्चित था।
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यानी अब नई वार्डबंदी में पांच वार्ड एससी रहेंगे। दो से तीन वार्ड बीसी-ए वर्ग को मिलेंगे और एक से दो वार्ड बीसी-बी वर्ग को दिए जाएंगे। एससी वर्ग के वार्डों का पहले से ही निर्धारण हो चुका है। इनमें वार्ड नंबर 7, 8, 23, 25 और 27 को शामिल किया गया है। जबकि बीसी-ए और बीसी- बी वर्ग के वार्डों का डाटा आने के बाद आरक्षित किया जाएगा।
बीसी-ए और बीसी- बी के साथ महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों का फैसला वार्डबंदी के फाइनल नोटिफिकेशन के बाद होगा। यानी पहले यहां से वार्डबंदी फाइनल करने के बाद सरकार को भेजी जाएगी। सरकार की मंजूरी के बाद इसका आमजन के लिए प्रशासन होगा। फिर से पर दावे और आपत्तियां मांगे जाएंगे। इनके निपटान के बाद वार्डबंदी को फाइनल कर दिया जाएगा।
इस फाइनल वार्डबंदी में कुल जनसंख्या और जातीय समीकरणों के आधार पर बीसी वर्ग के दोनों भागों के वार्ड आरक्षित होंगे। साथ में जनसंख्या के आधार पर महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि जो वार्ड शहरी और ग्रामीण विधानसभाओं की सीमा से सटे हुए थे केवल उनमें बदलाव किया गया है। यही नई वार्डबंदी के ड्रॉफ्ट पर नेताओं की नाराजगी की मुख्य वजह बनी। अब ऐसे वार्डाें को दोबारा से आपस में विलय किया गया है। हालांकि दो नए वार्ड बनने से इसका प्रभाव पुराने सभी वार्डों की सीमाओं पर पड़ा है।
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