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मेयर कार्यालय के सामने होती थी प्रॉपर्टी टैक्स में धांधली, अब एक किया सस्पेंड, दो को हटाया

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पालिका बाजार स्थित नगर निगम में मेयर कार्यालय के ठीक सामने प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में लाखों रुपये के बिलों को हजारों में ही सेटल करने का काम सालों से होता आ रहा था। एक दूसरे के कस्टमर तोड़ने की दो दलालों की लड़ाई ने पूरा मामला साफ कर दिया। जिसका खुलासा खुद मेयर और उनके पिता एवं पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने 6 फरवरी को किया था। इसके बाद फिर से सोमवार को एक ऐसा ही गड़बड़झाला सामने आया, जिसमें फिर से लाखों रुपये के बिल को महज कुछ हजार में ही सेटल किया गया। निगम आयुक्त की गैर मौजूदगी में इन कर्मचारियों पर कोई आंच नहीं आ पाई, लेकिन मंगलवार को आयुक्त ने निगम कार्यालय में ज्वाइन करते ही प्रॉपर्टी टैक्स में काम करने वाले पक्के कर्मचारी जोगिंद्र को सस्पेंड करने के साथ इस प्रकरण में सहयोगी रहे दो अन्य कच्चे कर्मचारियों को हटाने के लिए भी आदेश जारी कर दिए हैं।
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आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि इस मामले की पूरी तह तक जाने के लिए उन्होंने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया है, जो मामले की पूरी जांच पड़ताल करेगी। यह कमेटी संयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में होगी। जिसमें टैक्स सुपरिंटेंडेंट व निगम के संपदा अधिकारी भी शामिल होंगे। कमेटी एक माह के अंदर मामले की पूरी जांच कर निगम आयुक्त को सौंपेंगी, जिसे साफ हो पाएगा कि कितने सालों में कितने लाख या करोड़ों रुपये का चूना निगम को लगाया गया है।
ये था मामला
बता दें कि पालिका बाजार स्थित निगम कार्यालय में मेयर अवनीत कौर के ठीक सामने प्रॉपर्टी ब्रांच शाखा हैं। यह कुछ कर्मचारी मिलीभगत कर दलालों के माध्यम से निगम के बड़े प्रॉपर्टी टैक्स के बकायादारों के प्रॉपर्टी टैक्स को कम करने का काम किया करते थे। चूंकि निगम के पास केवल 3 साल का ही रिकार्ड उपलब्ध था, वहीं पिछले दस साल के सौ प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान भी था। इसी दौरान चल रहे वित्तीय वर्ष के टेक्स पर भी दस प्रतिशत छूट दी जा रही थी। निगम कर्मचारी बिल को दस साल का बनाने की बजाए महज तीन साल का बना देते थे, जिस पर टैैक्स रिबेट तक दी जाती थी। इसकी एवज में निगम कर्मचारी मोटी रकम वसूल किया करते थे।
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मामले का खुलासा तब हुआ जब दो दलालों ने एक दूसरे के कस्टमर को तोड़ने की एवज में मामले की शिकायत मेयर तक को कर दी। इसके बाद दूसरे दलाल ने भी पहले दलाल के चिट्ठे खोल दिए। जिसके बाद मेयर अवनीत कौर और उनके पिता एवं पूर्व मेयर भूपेंद्र ने मामले का खुुलासा किया। जिसमें उन्होंने बताया कि टैैक्स ब्रांच के पक्के व कच्चे कर्मचारी मिलीभगत कर लाखों रुपये का गबन कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने बताया क्लर्किल मिस्टेक, मेयर ने की कार्रवाई की सिफारिश
मेयर ने मामला संज्ञान में आते ही इसके बारे में निदेशालय समेत निगम आयुक्त को भी आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में सिफारिश की थी, लेकिन आयुक्त न होने की वजह से कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। मंगलवार को आयुक्त ने उक्त सभी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दी है। वहीं कर्मचारियों ने इसे सिर्फ क्लर्किल मिस्टेक बताया है।
एक सस्पेंड दो हटाए जाएंगे
प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में हुए गड़बड़ी के बाद निगम की प्रॉपर्टी टैक्स की ब्रांच के पक्के कर्मचारी जोगिंद्र को सस्पेंड किया जाएगा, वहीं अन्य दो कच्चे कर्मचारियों को हटाया जाएगा। इसके लिए आदेश जारी किए जा चुुके हैं। वहीं इस मामले की पूरी छानबीन के लिए संयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। जिससे पूरा मामला साफ हो जाएगा।
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- ओमप्रकाश, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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