पानीपत नगर निगम के एजेंडा नोटिस पर भाजपा पार्षद दल ने हल्ला बोल दिया है और इस एजेंडे नोटिस को शहर की मूल जरूरतों से अलग बताया। उनका आरोप है कि एजेंडे में पार्षदों तक की समझ में न आने वाले मामलों को जोड़ा है।
उन्होंने मेयर के शहर में विकास कराने के दावे को भी झूठा बताया है। नगर निगम के हाउस की पहली बैठक 26 सितंबर को होनी तय है। नगर निगम ने सभी 24 पार्षदों को एजेंडे का नोटिस भेजा। इसमें आठ एजेंडों को जोड़ा है। अमर उजाला माई सिटी ने एजेंडे को देखा और कांग्रेस समर्थित समेत दूसरे पार्षदों से एजेंडों के बारे में विचार सांझे किए।
24 में से अधिकतर पार्षदों को एजेंडा नोटिस समझ आना तो दूर पढ़ा भी नहीं गया। इस एजेंडे में कांग्रेस समर्थित पार्षद भी सबसे अधिक थे। अमर उजाला ने 18 सितंबर बुधवार के अंक में बैठक के ‘एजेंडे पर भड़के पार्षद’ शीर्षक के साथ प्रकाशित किया। इसके बाद भाजपा पार्षद दल के नेता दुष्यंत भट्टा इसके विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं।
एजेंडा शहर की जरूरतों से दूर
दुष्यंत भट्टा ने बताया कि नगर निगम की ओर से भेजा एजेंडा नोटिस शहर की जरूरतों से दूर है। अंग्रेजी में भेजा एजेंडा समझा भी नहीं जा रहा। इसमें विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया है। नगर निगम की बैठक में ड्रेन नंबर-1, बिजली, पानी, सड़क और सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने पर विचारविमर्श किया जाना चाहिए। इसके अलावा पार्षदों को अधिकार पर चर्चा रखी जानी चाहिए।
मेयर ग्रांट लाए, गली की राजनीति न करें
पार्षद दुष्यंत भट्ट ने कहा कि मेयर को गली की राजनीति नहीं करनी चाहिए, बल्कि उसको सरकार से शहर के विकास की ग्रांट मंजूर करानी चाहिए। उनको सभी पार्षदों को साथ लेकर और सभी वार्डों में बराबर राशि जारी करनी चाहिए। किसी वार्ड का विकास पार्षद के हाथ में होना चाहिए और उसकी सलाह पर उक्त काम की राशि जारी की जानी चाहिए। मेयर गलियों में जाकर खुद नारियल तोड़ेंगे तो जनता के बीच पार्षद के बारे में गलतफहमी पैदा हो जाएंगी।