देवी मंदिर में मां के दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
-शहरभर में धूमधाम से मनाई गई अष्टमी और नवमी, तड़के से ही मंदिरों में गूंजे माता के जयकारे और लगी लंबी कतारें
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शारदीय नवरात्र के समापन पर सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ अष्टमी और नवमी का पर्व मनाया गया। इस पावन अवसर पर अलसुबह से ही घरों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ कन्या पूजन (कंजक) किया और माता का आशीर्वाद लिया। इसके बाद शहर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन देवी मंदिर में माथा टेकने के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा।
प्राचीन देवी मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि शारदीय नवरात्र के इन अंतिम दिनों में मां दुर्गा के महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि अष्टमी और नवमी के पावन संयोग पर मां के दरबार में हाजिरी लगाने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
मंदिर के प्रधान काकू बंसल ने बताया कि पर्व के मद्देनजर मंदिर कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। सुबह से ही मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए थे, जिससे हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर सुगमता से माता के दर्शन किए। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर समिति के सदस्य और स्वयंसेवक मुस्तैद रहे। शहर के अन्य मंदिरों में भी हवन-यज्ञ और भंडारों का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पहुंचकर लोगों ने पुण्य लाभ कमाया।
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