समालखा। एमडीडी ऑफ इंडिया की सामुदायिक कार्यकर्ताओं द्वारा बाल विवाह मुक्त जिला बनाने को लेकर सोमवार को समालखा के दो स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। कार्यकर्ता दीपिका ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राकसेड़ा गांव और कार्यकर्ता पायल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोयला खुर्द गांव में विद्यार्थियों से रूबरू हुईं।
उन्होंने कहा कि एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था पिछले एक साल से जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए प्रयास कर रही है। इस साल एमडीडी ऑफ इंडिया की इकाई ने अब तक 250 से ज्यादा ऐसे परिवारों की पहचान की जो कि अपनी लड़कियों की जल्दी शादी करना चाहते थे। उन परिवार को बाल विवाह के प्रति जागरूक किया गया और समझाया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है । जो माता पिता अपने बच्चों का बाल विवाह करवाते मिलेंगे उन्हें सजा और जुर्माना दोनों लग सकते हैं। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोयला खुर्द के प्रधानाचार्य जीएस गुप्ता ने कहा कि आज हम एक ऐसी मुहिम को आगे बढ़ाने में लगे हैं जो समाज को बेहतरी की तरफ लेकर जाएगा। बाल विवाह ना हो यह जिम्मेदारी हम सभी की बनती है। इसके लिए हमें अपने स्तर पर प्रयास करके बाल विवाह मुक्त जिले का निर्माण कर सकते है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राक्सेड़ा के प्रिंसिपल नरेश कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक हिंसा है। बाल विवाह एक लड़की को आर्थिक, मानसिक, शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाता है। हम सभी को एकजुट होकर बाल विवाह मुक्त जिला बनाने हेतु निरंतर अभियान चलाने की जरूरत है तभी हम समाज में बदलाव ला पाएंगे। इस अवसर पर ज्योति, रणबीर सिंह और राजेश मौजूद रहे।