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Panipat News: अब लाइनें होंगी अंडरग्राउंड, कटेंगे अवैध कनेक्शन

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पानीपत। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की ओर से उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को दिए गए नोटिस पर पहली बार खतरे को भांपते हुए बिजली निगम के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। अब हाईटेंशन लाइनों के नीचे बिछी बिजली निगम की लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा और जो अवैध निर्माण हाईटेंशन लाइन के नीचे हो रहे हैं, बिजली निगम उनके कनेक्शन रद्द करेगा। इसे संबंध में बीबीएमबी ने बिजली निगम की टीम को साथ लेकर एक संयुक्त सर्वे भी किया। जिसमें पानीपत से गुजरने वाली 220 केवी सिंगल सर्किट कुरुक्षेत्र पानीपत लाइन के नीचे चंदौली गांव में आने वाले फीडरों की जांच की।
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जांच में पाया गया कि बिजली निगम की फीडरों की वजह से भी लाइन ट्रिप हुई। इस पर निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे अपने फीडरों की लाइन को उचित दूरी से निकालेंगे ताकि उनकी 11 केवी की लाइन 220 केवी की लाइन के संपर्क में न आ सके। इसके अलावा अधिकारियों ने हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माणाधीन इमारतों का भी दौरा किया गया। जिसमें नूरवाला, बरसत रोड, गैस गोदाम रोड के पास हाईटेंशन लाइन का निरीक्षण किया गया और इसके नीचे बनने वाले अवैध निर्माणों की सूची तैयार की गई। जिनको बिजली निगम ने भी बिजली के कनेक्शन जारी कर दिए थे। इस सर्वे पर बीबीएमबी ने बिजली निगम को नोटिस जारी करते हुए कहा कि लाइनों के नीचे दिए गए ये कनेक्शन रद्द किए जाएं ताकि यहां कोई बड़ा हादसा न हो सके। संयुक्त टीम ने सात अवैध निर्माणों को दिए गए बिजली कनेक्शन की सूची बिजली निगम को कार्रवाई के लिए सौंप दी है।
ऐसे समझें दोनों विभागों की कार्रवाई और जटिलता
बीबीएमबी की बड़ी लाइनें प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरती हैं और बिजली सप्लाई करती हैं। इनके वोल्टेज काफी ज्यादा होते हैँ, जिनके संपर्क में आने से बड़े हादसे तो होते ही हैं साथ में बिजली भी गुल हो जाती है। इसे देखते हुए बीबीएमबी टीम हर जिले में लाइन के नीचे होने वाले अवैध निर्माणों को रोकने के लिए डीटीपी को पत्राचार करते है और बिजली निगम को इन निर्माणों को कनेक्शन न देने का आग्रह करते हैं। बीबीएमबी का कहना है कि ये गलती बिजली निगम और डीटीपी की वजह से होती है।
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अब उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों का मानना है कि बीबीएमबी की लाइनों की ऊंचाई पहले से ही कम है। इनके नीचे उनकी लाइनें 9 से 11 मीटर के पोल पर होती हैं। अगर इनको नीचे किया गया तो ये आम जन के लिए नुकसान दायक साबित हो सकती हैं। इसलिए इनको अंडरग्रांउड करने का ही विकल्प बचता है। जिसे कराया जाएगा।


वर्जन:
निगम की 11 केवी लाइनों की ऊंचाई को कम नहीं किया जा सकता। इससे जान माल का खतरा बन सकता है। हाईटेंशन लाइन के नीचे जो बिजली निगम की लाइन हैं उनको अंडरग्राउंड करने का काम किया जाएगा। समय, आवश्यकता को देखते हुए इन्हें शिफ्ट भी किया जा सकता है। इन लाइनों के नीचे अगर किसी ने अवैध निर्माण कर बिजली निगम से कनेक्शन लिया है तो उसे भी काट दिया जाएगा।
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आदित्य कुंडू, एक्सईएन, सब अर्बन डिवीजन, पानीपत।
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