पानीपत। स्वास्थ्य बीमा में बीमारी कवर होने के बावजूद भी क्लेम न देने पर उपभोक्ता आयोग ने कंपनी की सेवा में कमी माना है। कंपनी ने उपचार में खर्च हुए धनराशि छह प्रतिशत ब्याज के साथ उपभोक्ता को देने के आदेश दिए।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा ने उपभोक्ता को हुई मानसिक क्षति के लिए पांच हजार रुपये का भुगतान करने को कहा है। पानीपत की प्रकाश नगर कॉलोनी निवासी श्वेता ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उसके पिता अशोक कुमार ने सितंबर 2021 में दो केयर हेल्थ बीमा कंपनी की दो पॉलिसी ली थी। जिसमें एक पॉलिसी उसके नाम पर थी। मई 2022 में वह पेट की बीमारी से पीड़ित हुई। उसका उपचार गुरुग्राम के एक अस्पताल में हुआ। जहां पर 2.60 लाख रुपये का खर्च आया।
उसने कंपनी से क्लेम मांगा तो कंपनी से बीमार कवर न होने की बात कहते हुए आवेदन को खारिज कर दिया।